शिवसेना के दो स्थापना दिवस: एक बड़ा सवाल..और एक तस्वीर से बदलेगी उद्धव की सियासत?

Published : Jun 19, 2026, 11:21 AM IST
Posters of both Shiv Sena factions adorn Mumbai as the party marks its foundation day amid political speculation over "Operation Tiger

सार

Shiv Sena UTB Crisis :महाराष्ट्र में फिर सियासी खेल शुरू! 'ऑपरेशन टाइगर' से बदल सकते हैं समीकरण? मातोश्री से सत्ता तक मचा घमासान! क्या उद्धव गुट में होगी बड़ी टूट? किसके साथ जाएंगे उद्धव ठाकरे के सांसद? असली शिवसेना किसके पास?

मुंबई : शुक्रवार को महाराष्ट्र की सियासत में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब शिवसेना के दोनों गुटों ने पार्टी का स्थापना दिवस अलग-अलग मनाया। इस गहमागहमी के बीच "ऑपरेशन टाइगर" को लेकर भी अटकलें तेज हो गईं, जिसमें उद्धव ठाकरे खेमे से संभावित दलबदल की खबरें आ रही हैं।

जश्न के बीच मातोश्री से सत्ता तक घमासान!

  • मुंबई में बांद्रा, कलानगर और मातोश्री जैसे खास इलाकों में दोनों खेमों के पोस्टर और बैनर छाए रहे। एक तरफ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना थी, तो दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT)। इन पोस्टरों से 2022 में हुई पार्टी की टूट के बाद भी दोनों गुटों के बीच जारी राजनीतिक खींचतान साफ नजर आ रही थी।
  • इस साल स्थापना दिवस का जश्न इसलिए भी खास हो गया है क्योंकि "ऑपरेशन टाइगर" को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा गर्म है। कहा जा रहा है कि शिवसेना (UBT) के कई सांसद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और वे सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल हो सकते हैं।

ऑपरेशन टाइगर' से बढ़ी उद्धव गुट की चिंता

इस चर्चा को तब और हवा मिली जब शिवसेना MLC चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (UBT) के छह सांसदों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताया है और वे पहले ही उनके गुट के साथ आ चुके हैं। हालांकि, इस दावे को लेकर संबंधित सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

किसके साथ जाएंगे उद्धव के सांसद?

  • शिवसेना में यह राजनीतिक दरार 2022 में आई थी, जब एकनाथ शिंदे ने बड़ी संख्या में विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिससे पार्टी दो हिस्सों में बंट गई। इसके बाद चली लंबी राजनीतिक और कानूनी लड़ाई के बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को ही असली शिवसेना माना और उसे पार्टी का पारंपरिक 'धनुष-बाण' चिह्न आवंटित कर दिया। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को शिवसेना (UBT) के नाम से जाना जाने लगा।
  • अब जब दोनों खेमे पार्टी के स्थापना दिवस पर अपनी राजनीतिक ताकत और विरासत का दावा कर रहे हैं, तो "ऑपरेशन टाइगर" से जुड़ी गतिविधियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में और भी हलचल देखने को मिल सकती है।

कौन हैं दिल्ली जाने वाले UBT के 6 सांसद

यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब शिवसेना UBT के छह लोकसभा सांसदों ने दिन में नई दिल्ली में हुई संसदीय बैठक में हिस्सा नहीं लिया। देसाई की बुलाई इस बैठक में सिर्फ अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही मौजूद थे। बाकी लोकसभा सांसद- नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक से गायब रहे।

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