धार भोजशाला केस में इंदौर हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए परिसर को मंदिर माना. जज ने कहा कि हम सभी वकीलों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने कोर्ट की सहायता की. हमने तथ्यों को देखा, ASI एक्ट को देखा. आर्कियोलॉजी एक विज्ञान है. उसके आधार पर मिले निष्कर्षों पर भरोसा किया जा सकता है. साथ ही संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकारों को भी देखा जाना है. यह परमार वंश के राजा भोज के समय संस्कृत शिक्षा का केंद्र था. देवी सरस्वती का मंदिर था ।Bhojshala में नहीं होगी नमाज, Maulana Sajid Rashidi ने कहा- हम हार नहीं मानेंगे