
Yellow Number Plate: आप जब सड़क पर निकलते हैं, बस में सफर करते हैं या ट्रैफिक में फंसते हैं, तो आपके आस-पास खड़ी गाड़ियों की नंबर प्लेट एक जैसी नहीं होतीं। कुछ सफेद होती हैं, तो कुछ पीली, हरी या काले रंग की। आपने कभी न कभी तो सोचा ही होगा कि ऐसा क्यों होता है? हर गाड़ी की नंबर प्लेट का रंग एक जैसा क्यों नहीं होता?
आपको बेंगलुरु की सड़कों पर चलते हुए ये सभी रंगों की नंबर प्लेट आसानी से दिख जाएंगी। वैसे तो ज्यादातर गाड़ियों में सफेद नंबर प्लेट ही होती है। इन रंगों को देखकर आप आसानी से पहचान सकते हैं कि गाड़ी पर्सनल है, कमर्शियल है या फिर किसी खास कैटेगरी की है। भारत में गाड़ियों की नंबर प्लेट का रंग उनके इस्तेमाल के हिसाब से तय होता है। इसलिए इनका मतलब जानना आपके लिए बहुत जरूरी है।
सफेद रंग की नंबर प्लेट सड़क पर सबसे ज्यादा नजर आती हैं। इसका सीधा सा मतलब है कि ये पर्सनल गाड़ियां हैं। आपकी कार, बाइक या स्कूटर, जिनका इस्तेमाल आप निजी कामों के लिए करते हैं, उनकी नंबर प्लेट सफेद होती है। इन गाड़ियों का इस्तेमाल आप सवारियां ढोने या किसी और कमर्शियल काम के लिए नहीं कर सकते। यानी अगर आपकी कार की नंबर प्लेट सफेद है और आप उसे टैक्सी की तरह चला रहे हैं, तो यह गलत है। ऐसा करने पर अधिकारी आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकते हैं।
पीली नंबर प्लेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से कमर्शियल गाड़ियों के लिए होता है। इनमें टैक्सी, कैब, ऑटो, बस और माल ढोने वाली दूसरी गाड़ियां शामिल हैं। इन गाड़ियों में पीली प्लेट पर काले रंग से नंबर लिखा होता है। यह रंग बताता है कि गाड़ी का इस्तेमाल सिर्फ कमर्शियल कामों के लिए हो रहा है और इसे कमर्शियल नियमों के तहत रजिस्टर किया गया है।
हरी नंबर प्लेट वाली कारों और बाइक्स की संख्या आजकल सड़कों पर तेजी से बढ़ रही है। बहुत से लोगों को पता ही नहीं है कि यह हरी प्लेट क्यों लगाई जाती है। अगर आपको कोई हरी नंबर प्लेट वाली गाड़ी दिखे, तो समझ जाइए कि वह इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) है। प्राइवेट इलेक्ट्रिक कारों और बाइक्स में हरे बैकग्राउंड पर सफेद रंग से नंबर लिखा होता है। इलेक्ट्रिक गाड़ियां सिर्फ पर्सनल ही नहीं, बल्कि कमर्शियल कामों के लिए भी इस्तेमाल होती हैं। हरी प्लेट की वजह से सड़क पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों को पहचानना बहुत आसान हो जाता है। सरकार ने इन्हें पेट्रोल और डीजल वाली गाड़ियों से अलग दिखाने के लिए यह हरा रंग दिया है।
लाल रंग की नंबर प्लेट रोजमर्रा की गाड़ियों में बहुत कम देखने को मिलती है। ऐसा इसलिए क्योंकि लाल नंबर प्लेट का इस्तेमाल मुख्य रूप से टेंपरेरी (अस्थायी) रजिस्ट्रेशन के लिए किया जाता है। आप जब कोई नई गाड़ी खरीदते हैं, तो परमानेंट नंबर मिलने से पहले कुछ समय के लिए टेंपरेरी नंबर दिया जाता है। ऐसी प्लेट्स गाड़ी का टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन नंबर दिखाती हैं और इनकी वैलिडिटी कुछ ही समय के लिए होती है।
नीले रंग की नंबर प्लेट वाली गाड़ी देखकर अक्सर हैरानी होती है। मन में सवाल आता है कि आखिर इसका इस्तेमाल कौन करता है। नीली प्लेट वाली गाड़ियां बहुत खास होती हैं और ये आम लोगों के लिए नहीं होतीं। विदेशी दूतावासों (foreign embassies) और राजनयिकों (diplomats) की गाड़ियों में आमतौर पर नीले रंग की नंबर प्लेट लगी होती है। यह रंग इन गाड़ियों को आम गाड़ियों की भीड़ में एक अलग और खास पहचान देता है।
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