
Monsoon Home Safety Checklist: देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून पहुंच गया है। बारिश का मौसम अक्सर राहत लेकर आता है, लेकिन साथ में कई खतरे भी आते हैं, जिनमें से कुछ को ज्यादातर लोग हल्के में ले लेते हैं। बिजली का करंट लगना भी ऐसा ही एक खतरा है। हर साल बरसात में शॉर्ट सर्किट और करंट लगने की घटनाएं अचानक बढ़ जाती हैं और ज्यादातर मामलों में वजह घर की वो छोटी-छोटी खामियां होती हैं, जिन पर किसी का ध्यान ही नहीं जाता है। अच्छी बात ये है कि थोड़ी-सी सावधानी और सही समय पर की गई जांच से इन हादसों को पूरी तरह टाला जा सकता है। यहां जानिए 6 ऐसी चीजें, जिसे बारिश शुरू होने से पहले या शुरू होते ही जरूर चेक कर लेनी चाहिए...
पानी और नमी बिजली को आसानी से बहने का रास्ता देते हैं। जो तार, स्विच या सॉकेट सामान्य दिनों में बिल्कुल सुरक्षित लगते हैं, वही नमी के संपर्क में आते ही खतरनाक बन जाते हैं। पुरानी वायरिंग, ढीले स्विच और खराब अर्थिंग, ये तीनों चीजें आम दिनों में भले नजरअंदाज हो जाएं, लेकिन बारिश में करंट लगने की यही सबसे बड़ी वजह बनती हैं।
1. घर की अर्थिंग सही है या नहीं
अर्थिंग का काम है कि बिजली का कोई भी एक्स्ट्रा फ्लो सेफ तरीके से जमीन में चला जाए। अगर अर्थिंग खराब या ढीली है, तो ये अतिरिक्त बिजली जमीन तक पहुंचने की बजाय उपकरणों और स्विचबोर्ड में ही रह जाती है, जिससे करंट लगने का खतरा सीधे बढ़ जाता है। किसी योग्य इलेक्ट्रिशियन से मानसून शुरू होने से पहले या शुरू होते ही घर की अर्थिंग जरूर चेक करवाएं।
2. पुराने तार और ढीले स्विच
बहुत पुरानी वायरिंग वाले घरों में तारों की बाहरी परत समय के साथ कमजोर पड़ जाती है। ऐसे तार जब नमी के संपर्क में आते हैं, तो शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह अगर कोई स्विच ढीला है या उसे छूने पर हल्का सा भी झटका महसूस होता है, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ये आम गड़बड़ी नहीं, बल्कि बड़े खतरे का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत इलेक्ट्रिशियन को बुलाकर ठीक करवाएं।
3. मीटर बॉक्स और डिस्ट्रिब्यूशन बोर्ड
घर के मीटर बॉक्स और डिस्ट्रिब्यूशन बोर्ड (जहां से पूरे घर की बिजली कंट्रोल होती है) पर नमी, जंग या पानी के निशान दिखें, तो इसे तुरंत ठीक करवाना जरूरी है। ये वो जगह है जहां जरा सी लापरवाही पूरे घर के लिए खतरा बन सकती है।
4. खुले सॉकेट और एक्सटेंशन बोर्ड
फर्श पर पड़े एक्सटेंशन बोर्ड या खुले सॉकेट में अगर पानी जाने की जरा सी भी आशंका हो, जैसे खिड़की के पास, बालकनी के नजदीक या किचन में जहां पानी के छींटे पड़ सकते हैं, तो इन्हें तुरंत ऊंची और सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करें।
5. MCB और ELCB की मौजूदगी
अगर घर में MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) या ELCB (अर्थ लीकेज सर्किट ब्रेकर) नहीं लगा है, तो ये मानसून से पहले लगवाना समझदारी है। ये डिवाइस बिजली में किसी भी असामान्य लीकेज को तुरंत पहचान कर सप्लाई अपने आप बंद कर देते हैं, जिससे बड़ा हादसा टल जाता है।
6. बाहर के बिजली के खंभे और खुले तार
घर के बाहर बिजली के खंभे, झूलते या टूटे तार या ट्रांसफॉर्मर के आसपास पानी जमा हो तो वहां से दूरी बनाए रखें और बच्चों को भी इनसे दूर रखने की हिदायत दें। बारिश के बाद गीली जमीन पर नंगे पांव चलना भी टालना चाहिए, खासकर जहां बिजली के खंभे या तार आसपास हों।
बिजली गिरने के दौरान (thunderstorm) घर के अंदर भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता, क्योंकि तेज बिजली कभी-कभी वायरिंग के जरिए घर के अंदर तक पहुंच सकती है और उपकरणों में करंट दौड़ सकता है। इसलिए तूफान के दौरान TV, फ्रिज, इन्वर्टर, राउटर जैसे उपकरणों को बंद करके प्लग निकाल देना सुरक्षित रहता है। साथ ही इस दौरान बिजली से चलने वाला गीजर, शॉवर या नल इस्तेमाल करने से भी बचें, क्योंकि पानी और मेटल दोनों बिजली के अच्छे कंडक्टर होते हैं।
अगर सामने किसी को करंट लगता दिखे, तो सबसे पहले खुद उस इंसान को हाथ से न छुएं, इससे करंट आप तक भी पहुंच सकता है। सबसे पहले मेन स्विच बंद करें या अगर तुरंत संभव न हो तो लकड़ी की सूखी छड़ी या रबर के दस्ताने जैसी गैर-चालक चीज से व्यक्ति को बिजली के सोर्स से अलग करें। इसके बाद तुरंत एम्बुलेंस को कॉल करें और नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। जितनी जल्दी मेडिकल मदद मिलती है, जान बचने की संभावना उतनी ज्यादा होती है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सामान्य सुरक्षा जानकारी के लिए है। यह किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रिशियन की जांच का विकल्प नहीं है। घर की वायरिंग और अर्थिंग की पूरी जांच हमेशा योग्य और अनुभवी इलेक्ट्रिशियन से ही करवाएं। यह एक संवेदनशील सुरक्षा विषय है। अगर करंट लगने की कोई गंभीर घटना हुई हो, तो तुरंत इमरजेंसी सर्विस से संपर्क करें।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।