
भोपाल। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने मंगलवार को मंत्रालय स्थित अपने कक्ष में मध्यप्रदेश राज्य पशु कल्याण सलाहकार मंडल के सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री श्री पटेल ने मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और सभी जिलों में जिला स्तर पर समितियों का गठन कर सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान राज्य मंत्री ने विभाग द्वारा संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना और स्वावलंबी गोशाला निवास नीति-2025 के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी संचालन, गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पशुपालकों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, संचालक डॉ. पी.एस. पटेल सहित मध्यप्रदेश राज्य पशु कल्याण सलाहकार मंडल के सभी सदस्य उपस्थित रहे।
प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव ने बताया कि 20वीं पशु संगणना के अनुसार प्रदेश में कुल 187.52 लाख गौवंशीय पशु हैं, जो देश में तीसरे स्थान पर है। देश के कुल गौवंश का 9.73 प्रतिशत हिस्सा मध्यप्रदेश में है। इसी प्रकार प्रदेश में 103.07 लाख भैंसवंशीय पशु हैं, जो देश में चौथे स्थान पर है। देश के कुल भैंसवंश का 9.38 प्रतिशत मध्यप्रदेश में है।
प्रदेश का कुल दुग्ध उत्पादन 22.60 मिलियन मीट्रिक टन है, जिससे मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दुग्ध उपलब्धता 707 ग्राम है, जो राष्ट्रीय औसत 485 ग्राम से काफी अधिक है।
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के गौवंशीय और भैंसवंशीय पशुओं का एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक 3 लाख 83 हजार पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जा चुके हैं।
प्रमुख सचिव ने बताया कि पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य, पोषण और नस्ल सुधार की जानकारी देने के उद्देश्य से दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का पहला चरण 3 से 9 अक्टूबर 2025 तक चला था, जबकि दूसरा चरण 17 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुआ। अब तक 6 लाख 20 हजार पशुपालकों के घर जाकर उन्हें पशु पोषण, नस्ल सुधार और पशु स्वास्थ्य के विषय में जागरूक किया जा चुका है।
प्रदेश के कई ग्रामों में संस्थागत और व्यक्तिगत प्रयासों से नस्ल सुधार कार्यक्रम सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जिससे पशुपालक उन्नत पशुपालन कर अधिक दुग्ध उत्पादन कर रहे हैं। ऐसे ग्रामों को आदर्श के रूप में प्रस्तुत करने और अन्य ग्रामों को प्रेरित करने के लिए क्षीरधारा ग्राम योजना लागू की जाएगी।
क्षीरधारा ग्राम योजना के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने, उन्नत पशुपालन को प्रोत्साहित करने और पशु स्वास्थ्य व पोषण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह योजना तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत जिलों के सभी ग्रामों को पशुपालन स्तर, उन्नत पशुपालकों की उपलब्धता, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य, टीकाकरण और टैगिंग की स्थिति के आधार पर वर्गीकृत किया जाएगा।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।