मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसी को मई 2026 तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष जोर दिया और राजकीय मेडिकल कॉलेज का भी दौरा किया।

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मां पटेश्वरी यूनिवर्सिटी का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय का निर्माण हर हाल में मई 2026 तक पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि काम में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति से भी निर्माण कार्य की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने शहर में स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, बलरामपुर का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

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विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण और प्रेजेंटेशन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले विश्वविद्यालय परिसर में मौलिश्री का पौधा लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रस्तावित ढांचे और निर्माण कार्य को लेकर तैयार मॉडल प्रेजेंटेशन को देखा। मुख्यमंत्री ने कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह से कहा कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा हो, इसके लिए नियमित निगरानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मई 2026 तक निर्माण पूरा करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को साफ निर्देश दिए कि मई 2026 तक हर हाल में काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एकेडमिक बिल्डिंग और लैब का भी किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय परिसर की एकेडमिक बिल्डिंग, थिएटर क्लास और लैबोरेटरी सहित पूरे परिसर का दौरा किया। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें विधायक पल्टूराम, एमएलसी साकेत मिश्र, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, जिलाधिकारी विपिन जैन, कुलसचिव परमानंद सिंह, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।