
मुंबई: मुंबई से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मकान मालिक ने लड़कियों के पीजी के लिविंग रूम में बिना इजाज़त CCTV कैमरा लगा दिया। इस घटना ने सोशल मीडिया पर प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। 3 BHK अपार्टमेंट वाले इस पीजी में छह अन्य लड़कियों के साथ रहने वाली एक लड़की ने रेडिट पर अपनी आपबीती सुनाई है।
पीजी में रहने वाली लड़कियों के मुताबिक, मकान मालिक ने बिना किसी सूचना के अचानक दरवाज़ा खटखटाया और बताया कि उसने लिविंग रूम में CCTV कैमरा लगा दिया है। उसने इसी को लड़कियों की सहमति मान लिया। इतना ही नहीं, मकान मालिक ने सख्त हिदायत दी कि लिविंग रूम में आते समय 'ढंग के कपड़े' पहनकर आएं। लड़की ने अपनी पोस्ट में लिखा, "हमारे कमरों में स्टडी टेबल नहीं है, इसलिए हम पढ़ने और खाने के लिए लिविंग रूम का ही इस्तेमाल करते हैं। यह कपड़ों के बारे में नहीं है, क्या हमें अपनी प्राइवेसी का भी हक नहीं है?"
जब लड़कियों ने कैमरा लगाने पर सवाल उठाया, तो मकान मालिक ने सफाई दी कि पुलिस ने CCTV लगाना अनिवार्य कर दिया है। उसने यह भी कहा कि पहले किसी किराएदार के दोस्त ने घर से कुछ सामान चोरी कर लिया था, इसलिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, किराएदार लड़कियों का आरोप है कि मकान मालिक ने घर के मेन गेट के बाहर कैमरा लगाने के बजाय अंदर लगाया, ताकि उसे पड़ोसियों से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की झंझट से न गुज़रना पड़े।
यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मकान मालिक के इस कदम का जमकर विरोध हो रहा है।
प्राइवेसी का हनन: लोगों का कहना है कि बिना साफ सहमति के घर के अंदर कैमरा लगाना गैर-कानूनी है और यह किसी की निजता के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
पुलिस में शिकायत की सलाह: कई यूज़र्स ने सलाह दी कि अगर सुरक्षा ही मकसद था तो कैमरा मेन गेट पर लगना चाहिए था। मकान मालिक की हरकत संदिग्ध है, इसलिए लड़कियों को तुरंत पुलिस में शिकायत करनी चाहिए और रहने के लिए कोई नई जगह ढूंढ लेनी चाहिए।
पीड़ित लड़की ने दुख जताते हुए कहा कि कम उम्र की नौकरीपेशा और स्टूडेंट होने की वजह से मकान मालिक उन पर इस तरह के बेतुके नियम थोप रहे हैं।
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