नाना पाटेकर ने जब देखीं सैकड़ों विधवाएं, फिर जो किया वो आज भी याद किया जाता है

Published : Oct 08, 2026, 10:03 AM IST
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सार

Nana Patekar death: नाना पाटेकर के निधन पर याद आया उनका वो मानवीय चेहरा, जब उन्होंने किसान आत्महत्याओं से प्रभावित परिवारों और सैकड़ों विधवाओं की आर्थिक मदद की और NAAM Foundation की नींव रखी।

Nana Patekar death: सिनेमा के पर्दे पर नाना पाटेकर की आवाज जितनी दमदार थी, असल जिंदगी में उनका दिल उतना ही संवेदनशील था। 75 साल की उम्र में उनके निधन के बाद उनकी फिल्मों के साथ-साथ वह काम भी याद किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने सूखे और किसान आत्महत्याओं से जूझते परिवारों का हाथ थामा। 8 अक्टूबर 2026 को गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद उनका निधन हुआ।

जब अपनी कार के पैसे किसानों के नाम कर दिए

किसानों की हालत देखकर नाना पाटेकर ने कभी सिर्फ भाषण नहीं दिया। उन्होंने बताया था कि वह करीब 1.5 करोड़ रुपये कार खरीदने के लिए बचाकर रख रहे थे, लेकिन किसान परिवारों की बदहाली देखकर वही रकम मदद में लगाने का फैसला किया। बीड में बड़ी संख्या में युवा विधवाओं को देखने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि एक-दो बार की मदद काफी नहीं है।

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सैकड़ों विधवाओं तक पहुंची मदद

2015 में नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे ने सूखा प्रभावित किसानों के परिवारों के लिए अभियान शुरू किया। रिपोर्टों के मुताबिक, शुरुआत में 300 से ज्यादा किसान विधवाओं को आर्थिक सहायता दी गई। कई परिवारों को 15 हजार रुपये के चेक दिए गए। नाना का कहना था कि किसान आत्महत्या करने को मजबूर न हों, यही असली लक्ष्य होना चाहिए।

NAAM Foundation बना किसानों की उम्मीद

इसी पहल ने सितंबर 2015 में NAAM Foundation का रूप लिया। संस्था का काम सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहा। सूखे गांवों में पानी का संकट, पुराने जलस्रोतों और नहरों को पुनर्जीवित करना, भूजल के बेहतर इस्तेमाल और किसानों को मार्गदर्शन देने जैसे काम इसके केंद्र में रहे। संस्था के मुताबिक उसका लक्ष्य वंचित गांवों को विकसित कर किसानों को सम्मान के साथ जीवन जीने में मदद करना है।

नाना पाटेकर के लिए यह सिर्फ समाजसेवा नहीं थी। यह उन परिवारों के दर्द को समझने की कोशिश थी, जिनके घर का कमाने वाला सदस्य किसान आत्महत्या के बाद हमेशा के लिए चला गया। यही वजह है कि उनके जाने के बाद उनकी विरासत सिर्फ फिल्मों में नहीं, बल्कि खेतों और उन परिवारों की यादों में भी जिंदा रहेगी।

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