
नारी शक्ति बिल पर संसद में हुई लंबी बहस के बाद जब वोटिंग हुई तो परिणाम ने सभी को चौंका दिया। बिल को पास कराने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया और विपक्ष के विरोध के चलते यह प्रस्ताव गिर गया। जैसे ही नतीजे सामने आए, सदन का माहौल भावुक हो गया और कई महिला सांसदों की आंखों में आंसू साफ नजर आए। इस बिल से देश की महिलाओं को बड़ा राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसके फेल होने से एक बड़ा सपना टूटता दिखा। वहीं, इस पर सियासी घमासान भी तेज हो गया है, जहां एक तरफ सत्ता पक्ष विपक्ष पर आरोप लगा रहा है तो दूसरी ओर विपक्ष सरकार की रणनीति पर सवाल उठा रहा है।