कैब और ऑटो में सफर करने वाली महिलाओं के लिए नई गाइडलाइंस, ड्राइवर से लेकर SOS तक बदले नियम

Published : Oct 06, 2026, 11:33 AM IST
Women Safety Guidelines

सार

Women Safety Guidelines: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने ऐप-बेस्ड कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें ड्राइवर वेरिफिकेशन, इमरजेंसी सपोर्ट और सुरक्षित सफर पर खास जोर दिया गया है।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने ऐप-बेस्ड कैब, ऑटो, बाइक टैक्सी और दूसरी ऑनलाइन ट्रांसपोर्ट सर्विस इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन नियमों में ड्राइवर और गाड़ी के वेरिफिकेशन, रास्ता बदलने, छेड़छाड़, असुरक्षित जगह पर उतारने और इमरजेंसी मदद में देरी जैसी दिक्कतों पर खास फोकस किया गया है। NCW ने सभी राज्यों से कहा है कि वे पुलिस, ट्रांसपोर्ट अधिकारियों और ऐप-बेस्ड कंपनियों के बीच तालमेल बेहतर करें। इससे महिलाओं की शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जा सकेगा।

महिलाएं बिना पेनाल्टी के राइड कर सकती हैं कैंसिल

आयोग ने ऐप-बेस्ड कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कंपनियों को अपने ड्राइवरों और गाड़ियों का ठीक से वेरिफिकेशन करना होगा। अगर ऐप पर दिख रही जानकारी से ड्राइवर या गाड़ी मैच नहीं करती है, तो महिलाएं बिना किसी पेनाल्टी के राइड कैंसिल कर सकती हैं। नई गाइडलाइंस में ड्राइवरों के बैकग्राउंड और पुलिस वेरिफिकेशन की भी सिफारिश की गई है। साथ ही, उन्हें महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रेगुलर ट्रेनिंग देने को कहा गया है।

पैसेंजर्स के लिए SOS बटन होना जरूरी

देर रात के सफर के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक, रात में ड्राइवरों का वेरिफिकेशन और सख्त होना चाहिए। महिलाओं को अपने भरोसेमंद लोगों के साथ राइड की डिटेल शेयर करने का ऑप्शन मिलना चाहिए। इसके अलावा, सेफ-ड्रॉप और 24 घंटे इमरजेंसी सपोर्ट की सुविधा भी जरूरी है। अगर कोई ड्राइवर गलत रास्ता लेता है या गाड़ी काफी देर तक एक ही जगह खड़ी रहती है, तो ऐप के जरिए कंपनी और पैसेंजर दोनों को तुरंत अलर्ट जाना चाहिए। पैसेंजर्स की पहुंच में SOS बटन होना भी बहुत जरूरी है।

सफर का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा

NCW ने महिलाओं को सुरक्षित जगह पर उतारने, बुजुर्ग महिलाओं को एक्स्ट्रा मदद देने और शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेने पर भी जोर दिया है। जांच के लिए सफर का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। जिन मामलों में पुलिस की जरूरत है, उन्हें बिना देरी किए पुलिस को भेजा जाना चाहिए।
NCW की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा, "महिलाएं बिना किसी डर के सफर कर सकें, यह बहुत जरूरी है। ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, इसलिए महिलाओं की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।"

क्या है दिल्ली का 'सखी वन स्टॉप सेंटर'

  • इससे पहले, सोमवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोक नायक अस्पताल में बने 'सखी वन स्टॉप सेंटर' का दौरा किया। यह दौरा महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से जुड़ी एक पहल का हिस्सा था।
  • अपने इस दौरे पर मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टॉप सेंटर की सुविधाओं और शिकायत दर्ज करने के सिस्टम का जायजा लिया। उन्होंने जरूरत के वक्त सेंटर आने वाली महिलाओं को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया।
  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें हर महीने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को एक पूरी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट में सभी मामलों का स्टेटस, पुलिस रिपोर्ट, FIR, पीड़ितों को दी गई मदद और आरोपियों पर हुए एक्शन की पूरी जानकारी होनी चाहिए।


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