
Nepal Second Flood: हिमालय की गोद में बसे शांत इलाकों पर अचानक मौत का साया मंडराने लगा। तिब्बत और नेपाल की सीमा पर ग्लेशियर टूटने से उफनती नदियों में चट्टान, बर्फ और गाद का ऐसा प्रलयकारी बहाव आया जिसने पूरे के पूरे गांवों का नामोनिशान मिटा दिया। महज़ कुछ ही घंटों में ताश के पत्तों की तरह घर, 25 मील से ज़्यादा सड़कें और 40 झूलते पुल (सस्पेंशन ब्रिज) बह गए। इस भयावह आपदा में अब तक 392 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें नेपाल में 389 और तिब्बत में 3 शव बरामद किए जा चुके हैं। इस आपदा में अब तक करीब 400 लोगों की मौत की खबर है, जबकि सीमा के दोनों ओर लापता लोगों का आंकड़ा 1,468 तक पहुंच गया है।
दुर्गम घाटियों में सेना के हेलीकॉप्टर और बचाव दल कीचड़ के बीच ज़िंदगी की तलाश कर रहे हैं। सीमा के दोनों तरफ कुल 1,468 लोग लापता हैं। इनमें नेपाल में 910 लोग (517 विदेशी) और तिब्बत में 558 लोग (260 विदेशी) शामिल हैं। लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकले हिंदू श्रद्धालु, दुनिया भर से आए ट्रेकर्स और स्थानीय निवासी शामिल हैं।
Nepal-Tibet flash floods:
Toll surges to 362; nearly 1,500 missing as fresh flood threat looms. pic.twitter.com/RNLlxRqgfV— News Arena India (@NewsArenaIndia) August 27, 2026
लापता लोगों में नेपाल में ट्रेकिंग करने वाले विदेशी नागरिकों के अलावा कैलाश पर्वत की यात्रा पर निकले हिंदू तीर्थयात्री भी शामिल हैं। कई गांवों के पूरी तरह तबाह होने और सड़क-पुल बह जाने से प्रभावित इलाकों तक पहुंचना बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हेलीकॉप्टर और आपातकालीन टीमें लगातार जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटी हैं।
Massive landslides in the Himalayan Mountain chain have caused huge flash floods, destroying Nepalese settlements and riverbanks in the Nuwakot and Rasuwa districts along the border with China's Tibet region.
Originally thought to have been caused by a mountain earthquake but… pic.twitter.com/g08VaNnDgH— aznnorth (@aznnorth) August 26, 2026
अधिकारियों के अनुसार 25 मील से ज्यादा सड़कें नष्ट हुई हैं और करीब 40 सस्पेंशन ब्रिज बह गए। इससे कई समुदाय संपर्क से कट गए हैं। अलग-थलग इलाकों तक राहत पहुंचाने के लिए मलबे के बीच नई सड़कें बनाने की जरूरत पड़ रही है।
UPDATE: The wall of water that ripped out of Tibet into Rasuwa is now one of Nepal’s deadliest Himalayan floods in years.
Confirmed dead: 165+ in Nepal (toll still rising; later local reports higher). 3 confirmed in Tibet.
Missing: ~826 in Nepal, including 579 travellers (466… https://t.co/nLIWtKiRta pic.twitter.com/l2e0aytQxd— Predictivemoney (@Predictivemoney) August 27, 2026
आपदा का असली खौफ अभी बाकी है। नदियों का रास्ता मलबे से रुक जाने के कारण सीमा के दोनों ओर विशाल और खतरनाक झीलें बन गई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, तिब्बत की तरफ बनी कृत्रिम झील में लगभग 30 लाख (3 मिलियन) क्यूबिक मीटर पानी जमा हो चुका है, जो 1,200 ओलंपिक-साइज़ स्विमिंग पूल के बराबर है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने चेतावनी दी है कि एक झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और किनारे टूटने पर अचानक दूसरी बाढ़ आ सकती है। लोगों, यात्रियों और बचावकर्मियों को नदी किनारों और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है और 1 सितंबर के आसपास इस रुकावट के टूटने से दूसरे भयंकर सैलाब की आशंका जताई जा रही है।
NEPAL FLASH FLOOD
🇳🇵Did Beijing not warn Nepal in time? China under the spotlight after deadly flash floods ?
Aug 27, 2026
A day after flash floods swept through parts of Nepal, leaving behind a trail of death and destruction, the focus has shifted to search and rescue… pic.twitter.com/Fr0QH8gfmO— Sid (@Trending_Sid) August 27, 2026
नेपाल और चीन दोनों ने आपदा को ग्लेशियर टूटने की घटना से जोड़ा है। विशेषज्ञों के मुताबिक चट्टान, बर्फ, कीचड़ और मलबे के नदी में आने से जलप्रवाह बाधित हुआ। ICIMOD के विशेषज्ञ कियांगगोंग झांग ने चेताया कि ऊपरी हिस्से में मलबे की रुकावट अभी बनी हुई है, इसलिए दूसरी बड़ी बाढ़ का खतरा टला नहीं है। आने वाले दिनों में बारिश इस संकट को और गंभीर बना सकती है।
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