Nepal Floods: कीचड़ में मिली किताबें, बैग और लंच बॉक्स बयां कर रहे तबाही का दर्द

Published : Sep 03, 2026, 08:26 PM IST
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सार

नेपाल बाढ़ में अब तक 1252 लोगों की मौत और हजारों लापता हैं। मलबे में मिली बच्चों की किताबें, स्कूल बैग और लंच बॉक्स तबाही का दर्द बयां कर रहे हैं।

Nepal Flood Latest News: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 1252 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4216 लोग अब भी लापता हैं। अचानक आई बाढ़ ने कई जिंदगियां उजाड़ दीं। खासकर, अब कीचड़-मलबे से मिल रही बच्चों की किताबें और स्कूल बैग इस तबाही की ऐसी तस्वीर दिखाते हैं, जिसे देख इस आपदा का दर्द महसूस किया जा सकता है। ये सामान उन बच्चों के हैं, जिनकी जिंदगी कुछ ही पलों में पानी, कीचड़ और पत्थरों के तेज बहाव में बह गई।

कीचड़ में मिली कक्षा 7 के छात्र की किताबें

नेपाल बाढ़ त्रासदी को भले ही एक हफ्ता हो चुका है, लेकिन तबाही और बर्बादी के निशां अब भी मौजूद हैं। मलबे से बच्चों के स्कूल बैग और कीचड़ से सनी कुछ किताबें मिली हैं। ये सामान उन बच्चों के हैं, जो पानी, कीचड़ और पत्थरों की तेज रफ्तार दीवार को अपनी ओर आता देखकर जान बचाने के लिए भागे होंगे। लेकिन बाढ़ का तेज बहाव अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को तबाह करता चला गया। इन किताबों पर कक्षा 7 के छात्र रोशन मिजार का नाम और रोल नंबर 31 लिखा था, जो श्री बागेश्वरी सेकेंडरी स्कूल में पढ़ता है या शायद अब पढ़ता था।

किताबों के बीच फंसा था रूलर और बैग में रखा था खाना

रोशन की किताब के दो पन्नों के बीच एक प्लास्टिक का रूलर फंसा हुआ था। ऐसा लग रहा था कि शायद शिक्षक ने पिछली क्लास में जहां पढ़ाना खत्म किया था, रूलर उसी जगह रखा गया था। स्कूल बैग के अंदर 2 पेन भी थे। इसके अलावा लंच ब्रेक में खाने के लिए रखा गया खाना भी बैग में मौजूद था। इन चीजों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बाढ़ आने से पहले रोशन की जिंदगी भी दूसरे बच्चों की तरह सामान्य थी। वह स्कूल गया होगा, पढ़ाई की होगी और लंच ब्रेक में खाना खाने की तैयारी की होगी। लेकिन अचानक आई बाढ़ ने सब कुछ बदल दिया।

रोशन मिजार का क्या हुआ, किसी को नहीं पता

रोशन के साथ क्या हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं है। हो सकता है कि वह किसी तरह सुरक्षित जगह पहुंच गया हो। यह भी संभव है कि वह उन लोगों में शामिल हो, जिनकी बाढ़ में मौत हो गई या जो अब भी लापता हैं। लेकिन एक बात साफ है कि नेपाल की इस आपदा ने रोशन जैसे न जाने कितने बच्चों और परिवारों को गहरा दर्द दिया है। आंकड़ों में किसी व्यक्ति की पहचान भले ही सिर्फ एक संख्या बन जाए, लेकिन उसके पीछे एक परिवार, सपने और पूरी जिंदगी जुड़ी होती है।

नेपाल बाढ़ के बाद सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) ने बाढ़ और आपदा के बाद के हालात से जुड़े चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं। मरने वालों की संख्या 1,300 के करीब पहुंचने के बीच बचाव और राहत अधिकारियों ने जिलावार मौतों की जानकारी दी है। सबसे ज्यादा 355 शव चितवन में मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 218, नवलपरासी वेस्ट में 208, नुवाकोट में 177 और रसुवा में 127 शव मिले हैं।

11,993 लोगों को बचाया गया, हजारों अब भी लापता

बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अब तक 11,993 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 5,135 लोगों का इलाज चल रहा है। लापता लोगों में करीब 900 लोग अलग-अलग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से जुड़े हुए थे। इसके अलावा कम से कम 583 विदेशी नागरिक और उनके साथ मौजूद 164 नेपाली नागरिक भी लापता बताए गए हैं।

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