Ganesha painting on flight window: एक महिला आर्टिस्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वह इस वीडियो में फ्लाइट की खिड़की पर भगवान गणेश की पेंटिंग बनाती दिख रही है। लोग यह वीडियो देखकर भड़क गए और उसे 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डालने की मांग करने लगे। लेकिन अब इस वीडियो की असली सच्चाई सामने आ गई है।
Airplane Window Painting Controversy: एक भारतीय महिला आर्टिस्ट का वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। वह इस वीडियो में फ्लाइट की खिड़की पर भगवान गणेश की खूबसूरत पेंटिंग बनाती नजर आ रही है। यह वीडियो सामने आते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया। लोग पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए बुरी तरह भड़क गए। इंटरनेट यूजर्स ने एयरलाइंस से मांग कर डाली कि इस महिला को तुरंत 'नो-फ्लाई लिस्ट' (No-Fly List) में डाला जाए। लेकिन अब इस पूरे विवाद की असली सच्चाई सामने आ गई है।
भारतीय आर्टिस्ट मिताली सालुंखे ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था। वह इसमें अपनी हवाई यात्रा के दौरान फ्लाइट की खिड़की पर गणपति की पेंटिंग बनाती दिख रही थीं। उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा था, 'सफर के दौरान एक नया कैनवास मिल गया।' लोग इसे देखकर यही समझे कि उन्होंने सीधे फ्लाइट के शीशे पर ही पेंटिंग कर दी है।
यह वीडियो एक्स (ट्विटर) समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जैसे ही वायरल हुआ, लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूजर्स ने मांग की कि फ्लाइट के अंदरूनी हिस्से को खराब करने के लिए इस महिला पर भारी जुर्माना लगाया जाए और इसे तुरंत 'नो-फ्लाई लिस्ट' में डाला जाए। कुछ लोगों ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि टेकऑफ और लैंडिंग के वक्त खिड़की को बंद करना या ढकना सेफ्टी के लिहाज से खतरनाक हो सकता है।
आर्टिस्ट ने दी सफाई
आर्टिस्ट मिताली सालुंखे ने विवाद बढ़ता देख खुद सामने आकर सफाई दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने फ्लाइट के शीशे पर कोई पेंटिंग नहीं की है। उन्होंने असल में एक ट्रांसपेरेंट (पारदर्शी) शीट पर यह चित्र बनाया था और उसे खिड़की के शीशे पर रखकर वीडियो रिकॉर्ड किया था। उन्होंने सबूत के तौर पर वो ट्रांसपेरेंट शीट पकड़े हुए अपनी एक फोटो भी शेयर की। मिताली सालुंखे और चेतन अद्विरकर की 'लाइव इंडियन पेंटर' आर्ट टीम ने यह अनोखा प्रयोग किया था। यह पूरा विवाद उनकी इस सफाई के बाद अब शांत हो गया है।
