SSR: भारत के कई राज्यों में जहां अभी SIR चल रहा है, वहीं चुनाव आयोग ने अब कई राज्यों में SSR यानी स्पेशल समरी रिवीजन कराने का फैसला किया है। आखिर क्या है एसएसआर, जानते हैं।
Special Summary Revision: वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहा विवाद अभी थमा भी नहीं है कि चुनाव आयोग ने अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR की प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी कर दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए SSR कराया जाएगा। इसमें वे राज्य भी शामिल हैं, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना, पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना और सूची में मौजूद गलतियों को ठीक करना है।
क्या है (SSR) स्पेशल समरी रिवीजन?
- स्पेशल समरी रिवीजन यानी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया है।
- इसके तहत पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार वोट डालने वाले नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाते हैं।
- इसके अलावा, वोटर लिस्ट में दर्ज नाम, पते और दूसरी जानकारियों में मौजूद गलतियों को सुधारने का भी मौका दिया जाता है।
- इस प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट रखना है, ताकि पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहें।
17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SSR
- निर्वाचन आयोग ने जिन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराने की घोषणा की है, उनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब समेत कई राज्य शामिल हैं।
- इन राज्यों में अगले साल या उसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।
- आयोग ने संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि SSR के लिए 1 जनवरी 2027 को क्वालिफाइंग डेट माना जाएगा।
किन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SSR?
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा, बिहार, तमिलनाडु, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरलम, असम, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं।
यूपी, पंजाब, गोवा समेत इन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव
- SSR की प्रक्रिया ऐसे समय में घोषित की गई है, जब कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त हो रहा है।
- वहीं, मणिपुर की 60 सदस्यीय, गोवा की 40 सदस्यीय, पंजाब की 117 सदस्यीय और उत्तराखंड की 70 सदस्यीय विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर खत्म होगा।
- जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत चुनाव आयोग को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने पहले तक चुनाव कराने की अनुमति है। ऐसे में चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया अहम मानी जा रही है।
12 नवंबर को जारी होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
- निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, एकीकृत फोटोयुक्त प्रारंभिक मतदाता सूची यानी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 12 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
- इसके बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम हटवाने या किसी भी तरह की गलती सुधारने के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।
- दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर होगी। इसके बाद आयोग सभी दावों और आपत्तियों की जांच कर उनका निस्तारण करेगा।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 तक अंतिम मतदाता सूची यानी फाइनल इलेक्टोरल रोल जारी कर दी जाएगी।
2027 में 18 साल के होने वाले युवाओं को भी मिलेगा मौका
- SSR के दौरान चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं के लिए अग्रिम आवेदन की सुविधा भी देने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 1 जनवरी 2027 के अलावा, साल 2027 की अगली तीन तिमाहियों की अर्हता तिथियों के लिए भी पात्र मतदाता पहले से आवेदन कर सकेंगे।
- ये अर्हता तिथियां 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 हैं। इसका मतलब है कि जो युवा 2027 में इन तारीखों तक 18 साल के हो जाएंगे, वे भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए पहले से आवेदन जमा कर सकते हैं।
- इस सुविधा का उद्देश्य नए मतदाताओं के नाम समय पर मतदाता सूची में शामिल करना है, ताकि पात्र होने पर वे अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
जिन राज्यों में SIR चल रहा है, वहां बाद में आएगा SSR का शेड्यूल
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया अभी चल रही है या हाल ही में पूरी हुई है, वहां SSR का विस्तृत कार्यक्रम बाद में अलग से घोषित किया जाएगा।






