CJP के अभिजीत दिपके, नेहा बोरा, प्रकाश राज और प्रशांत भूषण ने दिल्ली में सरकार को घेरा। कनॉट प्लेस प्रदर्शन पर व्यापारियों की चिंता के बीच हाईकोर्ट ने पुलिस का आश्वासन दर्ज किया।
CJP Press Conference: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने गुरुवार को दिल्ली में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान नेहा बोरा के बोलने से पहले कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और प्रकाश राज भी शामिल हुए। नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों की हिरासत और सरकार की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
प्रकाश राज बोले- पूरे देश को जंतर-मंतर बना देंगे
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिनेता प्रकाश राज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “जो बचपन में मगरमच्छ से नहीं डरा, वह आज कॉकरोच से डर गया।”
- उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने की कोशिश की, लेकिन अब उन्होंने पूरे देश को जंतर-मंतर बनाने का फैसला किया है।
- प्रकाश राज के मुताबिक, आंदोलनकारी देश के हर जिले और गांव को जंतर-मंतर बना देंगे।
क्या बोले प्रशांत भूषण?
- वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार के खिलाफ विरोध करना कोई अपराध नहीं है।
- उन्होंने कहा कि अगर सरकार की बर्बरता जारी रही, तो सत्ता बदलनी होगी।
- भूषण ने यह भी कहा कि बीजेपी ने खुद कई बार आंदोलन करके सरकार बदली है।
- उनके मुताबिक, देश में तानाशाही तरीके से सरकार नहीं चलाई जा सकती।
देश में अब तिरंगा फहराना भी अपराध- दिपके
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए तिरंगा फहराने को भी अपराध बना रही है। अभिजीत दीपके ने कहा कि तिरंगा फहराने को भी कानून का उल्लंघन माना गया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा किसके लिए किया जा रहा है। दीपके के मुताबिक, सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले रही है।
मारपीट से आंदोलन नहीं रुकेगा- नेहा बोरा
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि हिरासत में लेने और मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक झंडे, पार्टी या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, दिल्ली से मुंबई तक आंदोलन जारी है।
CJP के प्रदर्शन पर दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। CJP ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
कनॉट प्लेस में CJP के प्रदर्शन का व्यापारियों ने किया विरोध
- CJP के प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा मार्च' को लेकर व्यापारियों ने भी चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कनॉट प्लेस में प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने की मांग की थी।
- बृजेश गोयल ने कहा कि प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों में चिंता है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
- कनॉट प्लेस के एक दुकानदार ने भी दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता ने कहा कि कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है और प्रदर्शन के कारण वीकेंड पर भी कारोबार प्रभावित हो सकता है।
- CTI ने दावा किया था कि 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के कारण व्यापारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। संगठन ने इसी आशंका के आधार पर आगामी प्रदर्शन को अनुमति नहीं देने की मांग की थी।
दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में क्या कहा?
- कनॉट प्लेस के दुकानदार की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि 16 अक्टूबर को CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
- याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, इसलिए वहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
- उन्होंने दावा किया कि पिछले एक सप्ताह से व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और वीकेंड पर प्रदर्शन होने से उन्हें और नुकसान उठाना पड़ सकता है।
- दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस के आश्वासन को रिकॉर्ड पर ले लिया। इस मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।








