
Nepal Glacier Collapse: 26 अगस्त को नेपाल के ऊँचे हिमालयी इलाके (लगभग 5,140 मीटर की ऊँचाई) में ग्लेशियर का एक विशाल हिस्सा टूटकर गिर गया। महज सात मिनट में 3,300 मीटर नीचे गिरते हुए बर्फ, पत्थरों और मलबे का यह कातिलाना बहाव 20 किलोमीटर दूर तक फैल गया। शिजियांग के गिरोंग काउंटी में एक पर्यटक के कैमरे में यह भयावह घटना कैद हो गई, जिसने नेपाल से लेकर चीन के शिजियांग ऑटोनॉमस रीजन के गिरोंग काउंटी स्थित गिरोंग पोर्ट तक पहुंचा।
गिरोंग काउंटी में पहाड़ी दृश्यों की वीडियो बना रहे एक पर्यटक के कैमरे में अचानक ग्लेशियर के गिरने की घटना रिकॉर्ड हो गई। चीनी एकेडमी ऑफ साइंसेज के इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन हज़ार्ड्स एंड एनवायरनमेंट के निदेशक कांग शिचांग के मुताबिक, वीडियो में दिखाई देने वाली जगह वही है, जिसे रिमोट-सेंसिंग तस्वीरों में आपदा का संभावित स्रोत बताया गया था।
चीनी वैज्ञानिकों के अनुसार, लगभग 6,20,000 वर्ग मीटर के इलाके से उखड़ा यह मलबा एक खौफनाक मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव) बनकर गिरा। इस तबाही ने सीमा के दोनों ओर गांव, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं को पूरी तरह तबाह कर दिया।
A tourist filming the scenery in Gyirong County, China's Xizang Autonomous Region, accidentally captured the moment of a high-altitude glacier collapse in Nepal.
Kang Shichang, director of the Institute of Mountain Hazards and Environment under the Chinese Academy of Sciences,… pic.twitter.com/Sc3lIbjKWo— China Xinhua News (@XHNews) August 29, 2026
चीनी मीडिया के मुताबिक, ग्लेशियर का गिरना करीब 5,140 मीटर की ऊंचाई पर हुआ। इस घटना ने लगभग 6.2 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र को प्रभावित किया। इसके बाद बर्फ, चट्टानों और मिट्टी का मलबा करीब 20 किलोमीटर तक नीचे की ओर बढ़ा और लगभग 3,300 मीटर की ऊंचाई से गिरते हुए करीब सात मिनट में गिरोंग पोर्ट इलाके तक पहुंच गया।
तेज मलबे के बहाव ने नेपाल और चीन, दोनों तरफ तबाही मचाई। कई गांव, सड़कें, पुल और दूसरे बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए या बह गए। दुर्गम पहाड़ी इलाकों के कारण राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। आपदा के बाद बनी एक अस्थायी झील ने खतरा और बढ़ा दिया है।
विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद अब एक और बड़ी आपदा का ख़तरा मंडरा रहा है। पहाड़ी घाटियों में मलबे के रुकने से एक अस्थायी 'बैरियर लेक' बन गई है। चीन ने चेतावनी दी है कि इस झील का पानी काला पड़ रहा है और यह कभी भी टूट सकती है। यदि यह प्राकृतिक रुकावट टूटती है, तो नदियों में 500 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की दर से पानी का बहाव बढ़ेगा, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का ख़तरा गहरा गया है।
आपदा के बाद नेपाल में कम से कम 579 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तिब्बत में सात मौतें दर्ज की गई हैं। बचाव दल राहत कार्यों के साथ ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में झील और प्राकृतिक बांध की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।