
Nestle Dairy Whitener FSSAI Test Failed: अगर आप भी सुबह की चाय या शाम की कॉफी को गाढ़ा और क्रीमी बनाने के लिए डेयरी व्हाइटनर का इस्तेमाल करते हैं, तो सावधान हो जाइए। देश में खाने-पीने की चीजों की शुद्धता की निगरानी करने वाली सरकारी संस्था FSSAI (भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) की जांच में नेस्ले (Nestle) के जाने-माने इस डेयरी प्रोडक्ट का सैंपल क्वॉलिटी टेस्ट में पास नहीं हो पाया है। ये सैंपल दिल्ली के मशहूर 5-स्टार होटल 'द ललित' (The Lalit Hotel) से लिया गया था। लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद अधिकारियों ने इसकी बिक्री पर फौरन रोक लगाने का निर्देश दे दिया है। इस खुलासे के बाद सवाल उठने लगे हैं कि आखिर ये डेयरी व्हाइटनर क्या चीज है, क्या ये असली दूध होता है और क्या इसका रोजाना सेवन करना सुरक्षित है? आइए जानते हैं...
FSSAI की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, नेस्ले लो फैट डेयरी व्हाइटनर (Nestle Low Fat Dairy Whitener) का सैंपल नई दिल्ली के कनॉट प्लेस पर स्थित 'द ललित होटल' से लिया गया था। इसके बाद इसे फूड एनालिस्ट की लैब में जांच के लिए भेजा गया। लैब रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर को इसकी जानकारी दी गई और जांच रिपोर्ट की कॉपी भी उपलब्ध कराई गई। टेस्ट रिपोर्ट सामने आने के बाद फूड सेफ्टी अधिकारियों ने संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर को इस प्रोडक्ट की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया है। ये कार्रवाई उस सैंपल से जुड़ी है जिसे अधिकारियों ने जांच के दौरान लिया था। यानी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह निष्कर्ष टेस्ट किए गए खास सैंपल पर आधारित है।
A sample of Nestlé "Low Fat Dairy Whitener" collected from M/s Bharat Hotels Ltd. (The Lalit), New Delhi, has been declared UNSAFE & SUBSTANDARD by Food Analyst reports under the FSS Act 2006.
Directives have been issued to immediately prohibit the sale of product
#FSSAINotice pic.twitter.com/4aVEOV7gx9— FSSAI (@fssaiindia) October 3, 2026
फूड एनालिस्ट की जांच में सामने आया कि नेस्ले का ये सैंपल फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तय पैमानों और क्वॉलिटी नियमों पर खरा (Non-compliant) नहीं उतरा, जिसके बाद इसकी बिक्री पर रोक लगाई गई।
इस मामले में FSSAI ने भारत होटल्स लिमिटेड (Bharat Hotels Ltd) को नोटिस जारी किया है। कंपनी 'द ललित होटल' का संचालन करती है। नोटिस के साथ कंपनी को फूड एनालिस्ट की रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने का मौका भी दिया गया है। तय नियमों के तहत फूड बिजनेस ऑपरेटर निर्धारित समय के अंदर रिपोर्ट को चुनौती दे सकता है।
डेयरी व्हाइटनर एक मिल्क-बेस्ड पाउडर प्रोडक्ट होता है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चाय, कॉफी और दूसरे ड्रिंक्स में दूध की जगह या दूध के साथ किया जाता है। लो फैट डेयरी व्हाइटनर में सामान्य डेयरी व्हाइटनर की तुलना में फैट की मात्रा कम रखने के लिए इसे खास तरीके से तैयार किया जाता है। ये असली सूखा दूध नहीं है। इसे मिल्क पाउडर में दूध से पानी सुखाकर पाउडर तैयार किया जाता है। इसमें दूध के तत्वों के साथ-साथ अलग से चीनी (शर्करा), एडेड फ्लेवर और स्टेबलाइजर्स मिलाए जाते हैं ताकि गर्म पानी या चाय में डालते ही यह बिना गांठ पड़े घुल जाए।
सामान्य इस्तेमाल के लिहाज से
अगर कोई प्रोडक्ट FSSAI के सभी क्वॉलिटी और फूड सेफ्टी नियमों को पूरा करता है, तो तय मात्रा में उसका इस्तेमाल नुकसानदेह नहीं माना जाता। सफर के दौरान या ऑफिस में जहां ताजा दूध नहीं मिलता, वहां ये बहुत काम आता है। इस मामले में सामने आई FSSAI रिपोर्ट टेस्ट किए गए खास सैंपल से जुड़ी है। लैब जांच में उस सैंपल को तय फूड सेफ्टी और क्वालिटी नियमों के मुताबिक नहीं पाया गया है। साथ ही, संबंधित फूड बिजनेस ऑपरेटर को इस रिपोर्ट के खिलाफ अपील करने का अधिकार दिया गया है। इसलिए इस मामले में आगे की रेगुलेटरी प्रॉसेस भी अहम होगी। फिलहाल अधिकारियों ने संबंधित ऑपरेटर को नोटिस में बताए गए प्रोडक्ट की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश दिया है।
सेहत पर असर
इसमें एक्स्ट्रा चीनी और एडिटिव्स होते हैं, इसलिए अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं या वजन घटा रहे हैं, तो इसका रोजाना या ज्यादा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। FSSAI द्वारा किसी सैंपल का फेल होना ये दिखाता है कि उस विशेष लॉट या बैच में न्यूट्रिशन वैल्यू, फैट कंटेंट या क्वॉलिटी के तय सरकारी मानकों में गड़बड़ी थी। जब तक संबंधित बैच की पूरी जांच रिपोर्ट साफ नहीं हो जाती, तब तक बाजार में उपलब्ध प्रोडक्ट की पैकेजिंग और बैच नंबर देखकर ही खरीदारी करें।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।