
US Visa New Rules 2026: अमेरिकी प्रशासन ने विदेशी नागरिकों द्वारा तय समय से अधिक रुकने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाया है। इमिग्रेशन नीतियों को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से विदेश विभाग ने 50 देशों के नागरिकों पर नई आर्थिक शर्त लगाई है। यह कदम उन यात्रियों के लिए है जो बिजनेस या टूरिस्ट वीजा पर अमेरिका आते हैं, लेकिन अवधि समाप्त होने के बाद वापस नहीं लौटते।
इस नियम के तहत, प्रभावित देशों के नागरिकों को बी1/बी2 वीजा प्राप्त करने से पहले 20,000 डॉलर तक का बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है। भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए यह राहत की खबर है क्योंकि भारत इस सूची से बाहर है। हालांकि, बांग्लादेश, नेपाल और भूटान जैसे पड़ोसी देशों के नागरिकों को इस शर्त का सामना करना पड़ेगा। यह नियम अफ्रीका, कैरेबियाई और प्रशांत क्षेत्र के कई देशों पर भी लागू है।
इस प्रोग्राम के तहत, 50 देशों के आवेदकों को वीजा साक्षात्कार के दौरान कांसुलर अधिकारी के निर्देशानुसार 10,000 डॉलर, 15,000 डॉलर या 20,000 डॉलर का बॉन्ड जमा करना होगा। यह व्यवस्था 3 अगस्त से लागू अंतिम नियम के तहत शुरू हुई है। भूटान के नागरिकों पर यह 1 जनवरी से प्रभावी है, जबकि बांग्लादेश और नेपाल के लिए इसे 21 जनवरी से लागू किया गया है।
यह प्रक्रिया इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट की धारा 221(जी)(3) के तहत संचालित है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (डीएचएस) की ‘एंट्री/एक्जिट ओवरस्टे रिपोर्ट’ से तय होता है कि किन देशों पर नियम लागू होगा। आवेदकों को डीएचएस फॉर्म आई-352 भरना होगा और वित्त विभाग के प्लेटफॉर्म पे डॉट जीओवी के जरिए शर्तें स्वीकार करनी होंगी।
विदेश विभाग के अनुसार, आवेदक कांसुलर अधिकारी के निर्देश के बिना फॉर्म आई-352 या बॉन्ड राशि जमा न करें। भुगतान स्वयं आवेदक, दोस्त, रिश्तेदार या बिजनेस सहयोगी कर सकता है। शर्तें पूरी होने पर राशि वापस मिल जाती है। यात्रियों को अमेरिका आने-जाने के लिए केवल कमर्शियल एयरपोर्ट्स का उपयोग करना होगा, जिनमें कस्टम्स की प्रीक्लियरेंस सुविधा हो। वे चार्टर विमान, जमीनी रास्तों या बंदरगाहों का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
यदि यात्री वीजा बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करता है, तो मामला सीधे यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) को भेजा जाएगा। यूएससीआईएस ही जांच करेगा कि उल्लंघन हुआ है या नहीं, ताकि टूरिस्ट और बिजनेस वीजा के दुरुपयोग को रोका जा सके।
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