
इस्लामाबाद: ईरान और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध ने कई देशों को मुश्किल में डाल दिया है और पाकिस्तान भी इससे अछूता नहीं है। लेकिन पाकिस्तान के लिए सिर्फ यही एक मुसीबत नहीं है, वह अपने पड़ोसी देश अफगानिस्तान के खिलाफ भी जंग लड़ रहा है। तालिबान के हमलों ने पाकिस्तान को बेहाल कर दिया है।
पहले से ही महंगाई और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे पाकिस्तान की आर्थिक हालत अब पूरी तरह चरमरा गई है। हर तरफ से कर्ज लेने के बावजूद स्थिति सुधर नहीं रही है। इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सरकार ने अब खर्चों में भारी कटौती का फैसला किया है। इसी के तहत सरकारी कर्मचारियों की सैलरी काटी जा रही है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में यह फैसला लिया गया। सरकार ने सरकारी कंपनियों और स्वायत्त संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की सैलरी में 5% से 30% तक की कटौती को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस कटौती से बचने वाले पैसे का इस्तेमाल सिर्फ जनता की भलाई के कामों के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा, सरकारी गाड़ियों को दिए जाने वाले फ्यूल कोटे में भी 50% की सीधी कटौती कर दी गई है। इसकी जांच एक थर्ड-पार्टी ऑडिट कंपनी करेगी। मीटिंग में अधिकारियों को यह भी बताया गया कि अगले दो महीनों में 60% सरकारी गाड़ियां सड़कों से हटा ली जाएंगी।
पाकिस्तान एक तरफ अफगानिस्तान के खिलाफ जंग लड़ने में हांफ रहा है, तो दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की गर्मी भी उसे बुरी तरह झुलसा रही है। पिछले शुक्रवार को ही सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 55 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी। इसके तुरंत बाद, तेल की खपत को कंट्रोल करने के लिए कई कड़े कदम उठाए गए हैं। इनमें दो महीने के लिए सरकारी गाड़ियों के तेल में 50% की कटौती, 60% सरकारी गाड़ियों को सड़कों से हटाना और सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में सिर्फ चार दिन काम करने का नियम शामिल है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।