Bus Permit Rules: बस यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव! खत्म हो सकता है ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट, आएगा नया सिस्टम

Bimla Kumari   | CMS
Published : Aug 12, 2026, 09:16 AM IST
bus stand

सार

One Nation One Permit: देश में बस परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी है। राज्यसभा की एक संसदीय समिति ने 10 बड़ी सिफारिशें की हैं, जिनमें 'ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट' को खत्म कर 'ऑल इंडिया पैसेंजर परमिट' लाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, डिजिटल टिकटिंग, बसों की रियल-टाइम ट्रैकिंग और एक नेशनल बस डिजिटल ग्रिड बनाने का भी सुझाव दिया गया है।

All India Tourist Permit: देश में बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्यसभा की एक संसदीय स्थायी समिति ने देश के बस परिवहन सिस्टम को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए 10 अहम सिफारिशें की हैं। इन प्रस्तावों का उद्देश्य अलग-अलग राज्यों की बस सेवाओं के बीच मौजूद कई तरह की प्रक्रियाओं और बाधाओं को कम करना है। समिति का मानना है कि अगर इन सुझावों को लागू किया जाता है तो यात्रियों के साथ-साथ बस ऑपरेटरों को भी काफी फायदा मिल सकता है।

ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की जगह आएगा नया परमिट

समिति की सबसे महत्वपूर्ण सिफारिश मौजूदा ‘ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट’ को बदलकर ‘ऑल इंडिया पैसेंजर परमिट’ लागू करने की है। इसका उद्देश्य यात्री बसों को राज्यों के बीच अधिक आसानी से चलने की सुविधा देना है। मौजूदा व्यवस्था में अंतरराज्यीय बस संचालन के दौरान कई तरह की परमिट और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। नया सिस्टम लागू होने पर इन प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है। इसे ‘एक देश, एक परमिट’ की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है।

राज्यों की सीमाओं पर चेक पोस्ट हटाने का सुझाव

बस परिवहन को तेज और सुगम बनाने के लिए समिति ने राज्यों की सीमाओं पर मौजूद चेक पोस्ट को खत्म करने की भी सिफारिश की है। कई बार ऐसे चेक पोस्ट पर बसों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है, जिससे यात्रियों का समय खराब होता है और यात्रा की अवधि भी बढ़ सकती है। चेक पोस्ट व्यवस्था में बदलाव होने से अंतरराज्यीय बसों की आवाजाही अधिक सुचारु होने की उम्मीद है। इससे बस ऑपरेटरों के लिए भी अलग-अलग राज्यों में सेवाएं संचालित करना आसान हो सकता है।

डिजिटल टिकटिंग से आसान होगी बुकिंग

समिति ने बस यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था को बढ़ावा देने का सुझाव दिया है। इसके जरिए यात्री ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे और उन्हें बस सेवा से जुड़ी जरूरी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिल सकेगी। डिजिटल व्यवस्था से टिकट बुकिंग की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है। खासकर लंबी दूरी और अंतरराज्यीय बस यात्राओं में इसका फायदा यात्रियों को मिल सकता है।

रियल-टाइम ट्रैकिंग से पता चलेगी बस की लोकेशन

यात्रियों के लिए प्रस्तावित एक और अहम सुविधा बसों की रियल-टाइम ट्रैकिंग है। इसके जरिए यात्री मोबाइल या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी बस की मौजूदा लोकेशन देख सकेंगे। साथ ही बस के संभावित पहुंचने के समय की जानकारी भी मिल सकती है। इससे यात्रियों को बस के इंतजार के दौरान ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिलेगी और यात्रा की बेहतर योजना बनाना आसान होगा।

नेशनल बस डिजिटल ग्रिड से जुड़ेगा पूरा नेटवर्क

इन सभी व्यवस्थाओं को एक साथ जोड़ने के लिए ‘नेशनल बस डिजिटल ग्रिड’ बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसका उद्देश्य देश की अलग-अलग बस सेवाओं को एक डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना है। इससे टिकटिंग, बस ट्रैकिंग और अन्य यात्री सुविधाओं को एकीकृत करने में मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर, समिति की 10 सिफारिशों का लक्ष्य देश के बस परिवहन को अधिक आधुनिक, डिजिटल, तेज और यात्री-केंद्रित बनाना है। हालांकि, इन प्रस्तावों को लागू करने के लिए आगे की प्रक्रिया और संबंधित स्तरों पर निर्णय महत्वपूर्ण होंगे।

जानिए संसदीय समिति की 10 बड़े प्रस्ताव

  1. ऑल इंडिया पैसेंजर परमिट: टूरिस्ट परमिट की जगह नया पैसेंजर परमिट, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और बॉर्डर चेक पोस्ट खत्म करने का सुझाव।
  2. नेशनल बस टर्मिनल अथॉरिटी: एयरपोर्ट अथॉरिटी की तर्ज पर बस टर्मिनलों के लिए अलग राष्ट्रीय प्राधिकरण और समान मानक बनाने की सिफारिश।
  3. नेशनल बस डिजिटल ग्रिड: लाइव बस ट्रैकिंग, सरकारी-निजी बसों की ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल शिकायत व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव।
  4. बस सुरक्षा पर फोकस: हर जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन, सुरक्षा जांच और बस ऑपरेटरों की सेफ्टी रेटिंग लागू करने की सिफारिश।
  5. फ्लीट ट्रांजिशन कॉम्पैक्ट: ऑपरेटरों को बस खरीदने के बजाय लीज पर लेने, पुरानी बसें स्क्रैप करने और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने का सुझाव।
  6. महिला सुरक्षा और सेवाएं: महिलाओं द्वारा संचालित बसों को बढ़ावा, CCTV और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम के साथ बेहतर सुविधाएं देने की सिफारिश।
  7. नेशनल टूरिस्ट बस ग्रिड: पर्यटन स्थलों को बस, रेल, मेट्रो, हवाई और जल परिवहन से जोड़कर एकीकृत टिकटिंग व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव।
  8. बस यात्रियों के लिए अलग बजट: सार्वजनिक परिवहन के लिए बजट में अलग प्रावधान और सड़क क्षेत्र के बजट का करीब 25% हिस्सा देने पर विचार।
  9. राज्यों की बस रैंकिंग: बस सुरक्षा, टर्मिनल, समयबद्धता, इमरजेंसी सिस्टम और यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर राज्यों की वार्षिक रैंकिंग।
  10. बस यात्रियों का आधिकारिक डेटा: देश में बसों और यात्रियों की संख्या का नियमित आंकड़ा तैयार कर एकीकृत राष्ट्रीय डेटा सिस्टम बनाने की सिफारिश।

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