
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के असर से निपटने के लिए सरकार ने 7 उच्च-स्तरीय टीमें बनाई हैं। ये टीमें ऊर्जा, सप्लाई चेन और खाद (फर्टिलाइजर) से जुड़ी रणनीतियां तैयार करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और खाद की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
मंगलवार को राज्यसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘इस लड़ाई ने दुनिया भर में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। ऐसे में भारत पर इसके असर को कम करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए सभी उपलब्ध स्रोतों से ऊर्जा मंगाई जा रही है।’ उन्होंने कहा, 'खाद की सप्लाई में कोई रुकावट न आए, इसका भी इंतजाम किया गया है। इसके बावजूद, सरकार शॉर्ट-टर्म, मीडियम-टर्म और लॉन्ग-टर्म समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कोशिश कर रही है।'
पीएम मोदी ने बताया, 'जैसे कोरोना के समय हालात से निपटा गया था, उसी तर्ज पर सोमवार को अधिकारियों और विशेषज्ञों की 7 टीमें बनाई गई हैं। मंत्रालयों के अधिकारियों वाली ये टीमें सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, खाद, नेचुरल गैस और महंगाई जैसे मुद्दों का हल ढूंढेंगी।' इस दौरान, पीएम मोदी ने उन लोगों को भी चेतावनी दी जो लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने की फिराक में रहते हैं। उन्होंने राज्य सरकारों को कालाबाजारी और जमाखोरी पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया।
सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, खाद, नेचुरल गैस और महंगाई जैसी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारियों की टीमें बनाई गई हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया है कि मौजूदा हालात में कुछ ताकतें लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश कर सकती हैं। इसलिए, राज्य सरकारें कालाबाजारी और जमाखोरी पर पैनी नजर रखें।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष, भारत पर उसके असर और चुनौतियों पर चर्चा के लिए बुधवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इससे एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कहा था कि 'जैसे हमने कोविड का सामना किया, वैसे ही इस संकट का भी सबको मिलकर सामना करना होगा।' इस बैठक में युद्ध के असर से देश में पैदा हुए एलपीजी संकट और बाजार के उतार-चढ़ाव जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
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