
Lakhpati Didi Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देश को संबोधित किया। उनका भाषण सीधे तौर पर चुनावी भाषण नहीं था, लेकिन इसमें शामिल कई मुद्दे ऐसे रहे जिनका आने वाले वर्षों की राजनीतिक चर्चा पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक संकटों से निपटने की भारत की क्षमता पर पीएम मोदी का जोर दिखाई दिया।
देश में अगले कुछ वर्षों में विधानसभा चुनावों का बड़ा दौर आने वाला है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके बाद 2028 में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई अन्य राज्यों में चुनाव होंगे।
ऐसे राजनीतिक माहौल के बीच प्रधानमंत्री के लाल किले से दिए संदेश में उठाए गए मुद्दों को चुनावी राजनीति के नजरिए से भी देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी के भाषण में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर रहा। उन्होंने घोषणा की कि सरकार ने 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अब सरकार ने इस लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ लखपति दीदी करने का संकल्प लिया है।
लखपति दीदी ऐसी महिलाओं को कहा जाता है जिनकी सालाना आय कम से कम एक लाख रुपये है। पीएम मोदी ने कहा कि 3 करोड़ नई लखपति दीदियों का निर्माण ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं के नेतृत्व में बड़े बदलाव का संकेत है।
प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी योजना को सिर्फ महिला कल्याण से नहीं जोड़ा, बल्कि इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बदलाव का माध्यम भी बताया। उनका जोर इस बात पर रहा कि महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हों और परिवार के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था को भी गति दें।
3 करोड़ से 6 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य बढ़ाने का ऐलान ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की आय और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार के अगले कदम के तौर पर पेश किया गया।
पीएम मोदी ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनकी राजनीतिक भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में बड़ी संख्या में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की भूमिका की बात कही।
उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी जिक्र किया और कहा कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के नेतृत्व को मजबूत करना है।
लखपति दीदी के लक्ष्य को बढ़ाने की घोषणा में दो महत्वपूर्ण मुद्दे एक साथ दिखाई देते हैं—महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था। ये दोनों ही मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने किसी एक नई सुविधा की घोषणा करने के बजाय पहले से चल रहे कार्यक्रम के लक्ष्य को 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने पर जोर दिया। इससे सरकार ने मौजूदा महिला-केंद्रित योजना के अगले चरण को सामने रखा है।
प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण में महिलाओं, ग्रामीण विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक संकटों से निपटने जैसे मुद्दों को प्रमुखता मिली। आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ये विषय राजनीतिक बहस में कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।