
PM Modi Iran President Meeting: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पीज़ेश्कियन से मुलाकात करेंगे। पश्चिम एशिया में इस साल की शुरुआत में संघर्ष बढ़ने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने बैठक होगी। ऐसे समय में होने वाली यह मुलाकात क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है।
मोदी और पीज़ेश्कियन के बीच पश्चिम एशिया के हालात को लेकर पहले भी कई बार फोन पर बातचीत हो चुकी है। 30 जून को हुई उनकी हालिया बातचीत में ईरानी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रम और आगे की स्थिति की जानकारी दी थी। इसके जवाब में पीएम मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत पर जोर दिया था।
इससे पहले मार्च में भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। उस दौरान भी पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात और क्षेत्रीय तनाव को लेकर चर्चा हुई थी।
बिश्केक में होने वाली आमने-सामने की बैठक दोनों नेताओं को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श का मौका देगी। माना जा रहा है कि बातचीत में क्षेत्रीय तनाव कम करने के उपायों के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठ सकते हैं।
ईरान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी चर्चा के केंद्र में आ सकते हैं, जो भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण कई तरह की चुनौतियों का सामना करते रहे हैं।
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान रूस और ईरान के बीच होने वाली बातचीत पर भी सबकी नजर रहेगी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पीज़ेश्कियन के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है।
पुतिन बिश्केक में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरानी राष्ट्रपति पीज़ेश्कियन के साथ अलग-अलग बातचीत शामिल है। पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव के बीच रूस और ईरान के बीच रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के कारण इन बैठकों का महत्व और बढ़ गया है।
भारत और ईरान के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। भारत के लिए ईरान सिर्फ पश्चिम एशिया का एक अहम साझेदार नहीं है, बल्कि मध्य एशिया तक पहुंच बनाने के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
चाबहार बंदरगाह भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके जरिए भारत मध्य एशियाई देशों तक व्यापारिक पहुंच मजबूत करना चाहता है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत में चाबहार परियोजना और भारत-ईरान के बीच कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा और यहां से होने वाला समुद्री आवागमन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम माना जाता है और यहां किसी भी तरह का तनाव तेल और गैस की सप्लाई के साथ-साथ वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है।
ऐसे में मोदी और पीज़ेश्कियन की बैठक में क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत को खास महत्व मिलने की उम्मीद है।
बिश्केक में होने वाली यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति लगातार बदल रही है। भारत ने हमेशा क्षेत्र में तनाव कम करने, बातचीत और कूटनीतिक समाधान का समर्थन किया है।
मोदी और पीज़ेश्कियन की आमने-सामने बातचीत से न सिर्फ दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, बल्कि पश्चिम एशिया में शांति, ऊर्जा सुरक्षा और कनेक्टिविटी को लेकर भारत के रुख का भी स्पष्ट संकेत मिल सकता है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।