
Bankipur By Election: बिहार की राजनीति में बदलाव का दावा करने वाले जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के लिए बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव एक अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। माना जा रहा था कि उनकी एंट्री से बड़ी संख्या में नए और नाराज मतदाता मतदान केंद्रों तक पहुंचेंगे। लेकिन मतदान के रुझानों ने ऐसी तस्वीर पेश नहीं की। पूरे दिन वोटिंग की रफ्तार अपेक्षा से धीमी रही और मतदान प्रतिशत भी पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले कम दर्ज हुआ। ऐसे में अब चर्चा इस बात की है कि क्या बदलाव की राजनीति का संदेश मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंच पाया।
बांकीपुर विधानसभा सीट पर पिछले कई चुनावों में मतदान प्रतिशत लगभग 39 से 42 प्रतिशत के बीच रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना था कि इस बार प्रशांत किशोर की मौजूदगी उन मतदाताओं को भी मतदान केंद्र तक ला सकती है, जो पारंपरिक रूप से भाजपा और राजद, दोनों से दूरी बनाए रखते हैं।
हालांकि, मतदान के शुरुआती घंटों से ही रफ्तार धीमी रही। सुबह 9 बजे तक केवल 4.21 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2025 के विधानसभा चुनाव में इसी समय तक 5.10 प्रतिशत वोट पड़ चुके थे। दोपहर 1 बजे तक भी मतदान 20.01 प्रतिशत ही पहुंचा, जो पिछले चुनाव के मुकाबले कम रहा। शाम 5 बजे तक कुल मतदान 33.57 प्रतिशत दर्ज किया गया।
यह भी पढ़ें: LDA New Rule: अब मकान-दुकान बनवाने से पहले करना होगा ये काम, नहीं तो अटक जाएगा नक्शा
प्रशांत किशोर की रणनीति उन मतदाताओं पर केंद्रित मानी जा रही थी, जो पारंपरिक राजनीतिक दलों से असंतुष्ट हैं और भ्रष्टाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा विकास जैसे मुद्दों पर बदलाव चाहते हैं।
राजनीतिक तौर पर यह माना जा रहा था कि यदि यह वर्ग बड़ी संख्या में मतदान करता है, तो चुनावी मुकाबले की दिशा बदल सकती है। लेकिन मतदान प्रतिशत में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं दिखी। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या बदलाव का संदेश मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने में सफल नहीं हो सका।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, केवल मतदान प्रतिशत के आधार पर चुनावी नतीजों का अनुमान लगाना आसान नहीं होता। कम मतदान कई बार सत्तारूढ़ दल के पक्ष में जाता है तो कई बार विपक्ष को भी फायदा पहुंचा देता है।
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे 3 सितंबर को मतगणना के बाद सामने आएंगे। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति मतदाताओं को प्रभावित कर पाई या नहीं और क्या जनसुराज बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रही। फिलहाल, कम मतदान ने चुनावी समीकरणों को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।
यह भी पढ़ें: विदेशों में रह रहे भारतीयों को लेकर सरकार सतर्क, PM मोदी ने की बड़ी समीक्षा बैठक
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।