
Heavy Rain Safety Tips: बारिश का मौसम जितना सुकून देता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। यह अपने साथ कई बड़ी मुसीबतें भी लेकर आता है। महाराष्ट्र से लेकर यूपी और जम्मू-कश्मीर तक, हर जगह भारी बारिश आफत मचा रही है। सड़कें और गलियां पानी से लबालब हैं, लैंड स्लाइड की खबरें आ रही हैं और तूफानी बारिश से बड़े-बड़े पेड़ उखड़ जा रहे हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि बारिश के दौरान कौन-सी जगहें सबसे ज्यादा खतरनाक होती है और वहां क्या गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए।
जब अचानक तेज तूफानी बारिश शुरू होती है, तो बाइक सवार या पैदल चलने वाले लोग सबसे पहले किसी बड़े पेड़ या सड़क किनारे लगे लोहे के बड़े विज्ञापन बोर्ड (होर्डिंग्स) के नीचे खड़े हो जाते हैं। मानसून में जमीन गीली होने से पेड़ों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा, आसमानी बिजली गिरने का सबसे पहला शिकार भी ऊंचे पेड़ और लोहे के खंभे ही बनते हैं। इसलिए पेड़ के नीचे रुकने के बजाय किसी पक्के मकान, दुकान या शेड के नीचे ही रुकें।
वाराणसी और प्रयागराज की तरह जब सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है, तो लोग सोचते हैं कि वे अपनी कार या बाइक को पानी के बीच से निकाल लेंगे। यहीं सबसे बड़ी चूक होती है। पानी के नीचे का गड्ढा या खुला हुआ मेनहोल (गटर) आंखों से ओझल हो जाता है। अगर पानी कार के साइलेंसर या इंजन में चला गया, तो गाड़ी बीच पानी में बंद हो जाएगी और आप फंस जाएंगे। कई बार अंडरपास में पानी इतनी तेजी से बढ़ता है कि गाड़ी का दरवाजा खोलना भी नामुमकिन हो जाता है। अगर सड़क पर एक फीट से ज्यादा पानी है, तो गाड़ी आगे न बढ़ाएं। रूट बदलकर किसी ऊंचे और सुरक्षित रास्ते से जाएं।
इस मौसम में पहाड़ों पर इस वक्त जाना मुसीबत को बुलावा देने जैसा है। लोग अक्सर मौसम सुहाना होते ही 'वॉटरफॉल' (झरने) या पहाड़ों पर लॉन्ग ड्राइव का प्लान बना लेते हैं। लगातार बारिश से पहाड़ों की मिट्टी खिसकने लगती है जिससे अचानक भारी चट्टानें नीचे खड़ी गाड़ियों पर गिर जाती हैं। इसके अलावा, पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण नीचे बहने वाले झरनों और नदियों का जलस्तर महज 5 मिनट के भीतर कई गुना बढ़ जाता है, जिससे बचने का मौका भी नहीं मिलता। ऐसे में जब तक मानसून का रेड या ऑरेंज अलर्ट है, तब तक पहाड़ों और जलस्रोतों के पास पिकनिक मनाने बिल्कुल न जाएं।
सड़कों पर पानी भरने के बाद लोग पैदल चलते समय सहारा लेने के लिए अक्सर बिजली के खंभों, स्ट्रीट लाइट या दीवारों के सहारे लगी तारों के पास से गुजरते हैं। बारिश के पानी में करंट फैलने (Water Logging Current) का खतरा सबसे ज्यादा होता है। अगर किसी खंभे से कोई तार कटकर पानी में छू रही है, तो दूर तक करंट आ सकता है। इसलिए पानी से भरे रास्तों पर चलते समय बिजली के किसी भी ऊंचे ढांचे से कम से कम 10 फीट की दूरी बनाकर रखें।
बारिश के दौरान लोग अक्सर इन गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं। पानी की गहराई का अंदाजा लगाकर आगे बढ़ जाते हैं। बहते पानी को हल्के में लेते हैं। बाइक या कार को जबरदस्ती निकालने की कोशिश करते हैं। बिजली के खंभों या खुले तारों के पास से गुजर जाते हैं। पेड़ों के नीचे खड़े होकर बारिश रुकने का इंतजार करते हैं। ध्यान रखें, सिर्फ 15-30 सेंटीमीटर बहता पानी भी इंसान का संतुलन बिगाड़ सकता है और थोड़ा ज्यादा बहाव कार तक को बहा सकता है।
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