दिल्ली के एक लस्सी बेचने वाले शख्स की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल है। 11 साल की उम्र में काम शुरू किया, कभी ₹250 कमाते थे और आज ₹80-90 हजार मासिक कमाई का दावा करते हैं। मेहनत से यूपी में दो मंजिला घर भी बनाया।
किस्मत ने बचपन में ही ऐसा मोड़ दिखाया, जहां खेलने-कूदने की उम्र में जिम्मेदारियां कंधों पर आ गईं। पिता का साया सिर से उठा तो घर चलाने की चिंता सामने थी। लेकिन दिल्ली में लस्सी बेचने वाले इस शख्स ने हालात के आगे घुटने नहीं टेके। सिर्फ 11 साल की उम्र में काम शुरू किया और आज अपनी मेहनत के दम पर परिवार के लिए दो मंजिला घर तक बना लिया। उनकी कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है।
11 साल की उम्र में उठाई परिवार की जिम्मेदारी
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि जब वह बहुत छोटे थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था। परिवार में कमाने वाला कोई दूसरा मजबूत सहारा नहीं था। ऐसे में कम उम्र में ही उन्हें घर की जिम्मेदारियों को समझना पड़ा। जब दूसरे बच्चे स्कूल और खेल की दुनिया में आगे बढ़ रहे थे, तब उन्होंने काम करना शुरू कर दिया। शुरुआत में आमदनी बेहद कम थी।
एक समय ऐसा भी था जब दिनभर मेहनत करने के बाद उन्हें करीब ₹250 ही मिलते थे। लेकिन उन्होंने कमाई को लेकर शिकायत करने के बजाय काम को प्राथमिकता दी। उनका कहना है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता, जरूरत इस बात की है कि उसे ईमानदारी और मेहनत से किया जाए।
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आज लस्सी बेचकर कमाई 80-90 हजार रुपये तक
सालों की मेहनत के बाद उनकी जिंदगी धीरे-धीरे बदलने लगी। आज वह दिल्ली में लस्सी बेचते हैं और इंटरव्यू में उन्होंने अपनी मासिक कमाई करीब ₹80 हजार से ₹90 हजार के बीच बताई। यह आमदनी हर महीने एक जैसी हो, यह जरूरी नहीं है, क्योंकि छोटे कारोबार की कमाई बिक्री और दूसरे कारकों पर निर्भर करती है। फिर भी ₹250 प्रतिदिन से शुरू हुआ सफर आज जिस मुकाम तक पहुंचा है, वह उनकी मेहनत और लंबे संघर्ष को दिखाता है। कमाई बेहतर होने के बाद भी उन्होंने परिवार को पीछे नहीं छोड़ा। उन्होंने अपने भाई-बहनों की शादी कराई, फिर अपनी शादी की और परिवार की दूसरी जिम्मेदारियां भी पूरी कीं।
सालों की मेहनत से बनाया अपना दो मंजिला घर
इस शख्स के लिए सबसे बड़ा सपना सिर्फ ज्यादा पैसे कमाना नहीं था। वह अपना घर बनाना चाहते थे। उनके परिवार के पास कभी खुद का मकान नहीं था। ऐसे में उन्होंने धीरे-धीरे कमाई से बचत की और आखिरकार उत्तर प्रदेश में अपना दो मंजिला मकान बनवाया। उनके लिए यह घर सिर्फ ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है। यह उस सफर की निशानी है, जो 11 साल की उम्र में शुरू हुआ था और जिसमें उन्होंने आर्थिक मुश्किलों के बावजूद काम करना नहीं छोड़ा।
पैसे नहीं, भगवान से मांगे पिता
इस कहानी का सबसे भावुक हिस्सा तब सामने आया, जब इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि अगर भगवान से सिर्फ एक चीज मांगने का मौका मिले तो वह क्या मांगेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता को वापस मांगना चाहेंगे। जिंदगी में आर्थिक मजबूती आने के बाद भी पिता की कमी उनके दिल में बनी हुई है। उनका यह जवाब बताता है कि इंसान कितना भी आगे बढ़ जाए, कुछ रिश्तों की कमी को पैसा कभी पूरा नहीं कर सकता।
उनकी कहानी का संदेश भी सीधा है, हालात मुश्किल हों तो मेहनत का रास्ता मत छोड़िए और किसी ईमानदार काम को छोटा मत समझिए। शुरुआत कितनी भी कठिन क्यों न हो, लगातार प्रयास जिंदगी की दिशा बदल सकता है। दिल्ली की सड़कों पर लस्सी बेचकर अपने परिवार के लिए बेहतर जिंदगी बनाने वाले इस शख्स का सफर इसी बात की मिसाल है।
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