Shehzad Poonawalla: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आर्थिक तंगी के कारण अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां प्रवक्ताओं को सैलरी नहीं देतीं, जिससे गुजारा करना मुश्किल हो रहा था। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह पार्टी की विचारधारा के साथ मजबूती से खड़े हैं।

Shehzad Poonawalla Resigns: टीवी बहसों में बीजेपी का एक प्रमुख चेहरा रहे शहजाद पूनावाला ने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे की वजह बताते हुए उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी और निजी हालात का जिक्र किया। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में पूनावाला ने बताया कि बीजेपी समेत दूसरी राजनीतिक पार्टियां भी अपने प्रवक्ताओं को कोई सैलरी नहीं देती हैं, जिस वजह से उन्हें अपना घर चलाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।

शहजाद पूनावाला ने कहा, "मुझे घर का किराया देना होता है। मकान मालिक यह देखकर किराया माफ नहीं करेगा कि मैं बीजेपी में हूं। वह तो महीने की पहली तारीख को ही पैसे मांग लेगा। राजनीतिक पार्टियां अपने कार्यकर्ताओं को सैलरी नहीं देतीं।" हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों और नजरिए के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं।

शहजाद पूनावाला 2021 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति में ज्यादातर लोग या तो 'फायदा उठाने वाले' होते हैं या 'बड़े राजनेताओं के बेटे'। उन्होंने कहा कि वह इन दोनों में से किसी भी कैटेगरी में नहीं आते, इसलिए उन्हें अपनी रोजी-रोटी के लिए दूसरे रास्ते खोजने होंगे। उन्होंने आगे कहा, "मैं राजनीति से कुछ कमा नहीं रहा हूं, और न ही मैं किसी बड़े राजनेता का बेटा हूं। लोग सचिन पायलट जैसे नेताओं को देखने के आदी हैं और यह मानने को तैयार नहीं होते कि हम जैसे राजनेताओं की कोई पारिवारिक विरासत नहीं होती।"

पूनावाला ने खुलासा किया कि इस्तीफे का फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि वह 2024 की शुरुआत से ही इस बारे में सोच रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ हफ्ते पहले जब उन्होंने पार्टी छोड़ने की इच्छा जताई थी, तो पार्टी नेतृत्व ने उनसे संपर्क किया था। अपने इस्तीफे पत्र में उन्होंने कुछ लोगों के दखल को फैसले की वजह बताया, लेकिन किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि चाहे राजनीति हो या मीडिया, लोग आपको गिराने की कोशिश करते हैं और यह सार्वजनिक जीवन का एक हिस्सा है।