मराठा आरक्षण की मांग पर मनोज जरांगे की भूख हड़ताल के 14वें दिन आंदोलन और तेज हो गया है। CJP चीफ अभिजीत दीपके की मुलाकात से नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं। शनिवार को मुंबई मार्च का ऐलान होगा, वहीं प्रशासन ने बिना सबूत कुनबी प्रमाण-पत्र देने से इनकार किया है।

मुंबई: मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील की भूख हड़ताल 14वें दिन भी जारी है। जालना के अंतरवाली सराटी में चल रहे इस आंदोलन के बीच अब अभिजीत दिपके की प्रस्तावित मुलाकात ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। दिपके ने पहले ही जरांगे के आंदोलन को समर्थन दिया है और उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने की बात कही थी। जरांगे की मुख्य मांग मराठा समुदाय के पात्र लोगों को कुनबी प्रमाण-पत्र और उससे जुड़े अधिकारों को लागू करने की है। सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अभी तक ऐसा समाधान सामने नहीं आया है, जिससे जरांगे अपना अनशन खत्म करें। दूसरी ओर, सरकार की ओर से कुनबी रिकॉर्ड और प्रमाण-पत्र प्रक्रिया को लेकर कदम उठाए गए हैं, लेकिन आंदोलनकारी पक्ष पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।

Abhijit Dipke Meeting: क्यों अहम है मुलाकात?

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके शुक्रवार को अंतरवाली सराटी पहुंचकर मनोज जरांगे से मिलने वाले हैं। इससे पहले वह साफ कह चुके हैं कि जरांगे गलत मांग नहीं कर रहे हैं और सरकार को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। दिपके का समर्थन ऐसे समय में सामने आया है, जब मराठा आरक्षण आंदोलन फिर तेज हो रहा है। इस मुलाकात को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि जरांगे पहले दिपके के आंदोलन के समर्थन में दिल्ली गए थे। अब दिपके का अंतरवाली सराटी पहुंचना दोनों आंदोलनों के बीच राजनीतिक और सामाजिक जुड़ाव का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, मुलाकात के बाद दिपके क्या रुख अपनाते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।

Maratha Protest: 12 सितंबर के बाद क्या होगा?

मनोज जरांगे पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनका मुंबई आंदोलन तय है। समर्थकों के अंतरवाली सराटी में जुटने के बाद 12 सितंबर को आगे की रणनीति और मुंबई कूच की तारीख को लेकर फैसला होने की बात कही गई है। जरांगे का कहना है कि वह सरकार के प्रतिनिधिमंडल का इंतजार नहीं कर रहे हैं और आंदोलन अपनी तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ेगा। ऐसे में अभिजीत दिपके की मुलाकात और 12 सितंबर की रणनीति, दोनों ही मराठा आरक्षण आंदोलन की अगली दिशा तय करने में अहम हो सकते हैं।