New Delhi Traffic Plan: BRICS समिट 2026 में शामिल होने वाले केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री संसद से भारत मंडपम तक एक ही बस में सफर करेंगे। इसका मकसद ट्रैफिक को सुचारू रखना और आम लोगों को कम से कम परेशानी देना है।
Ministers and CMs Bus Travel: नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की आवाजाही के लिए खास व्यवस्था की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सम्मेलन में शामिल होने वाले कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग काफिलों में जाने के बजाय एक ही बस में संसद से भारत मंडपम तक सफर करेंगे। हालांकि, नेताओं के एकत्र होने और रवाना होने का अंतिम समय अभी तय नहीं हुआ है।
ट्रैफिक दबाव कम करने की कोशिश
इस साझा बस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और आम लोगों को कम से कम परेशानी देना है। अलग-अलग नेताओं के काफिलों के कारण कई जगहों पर ट्रैफिक रोकना या मार्ग बदलना पड़ सकता है। एक साथ यात्रा करने से ऐसे इंतजाम को सीमित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आम लोगों को कम परेशानी देने पर जोर
सूत्रों के अनुसार, यह व्यवस्था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच के अनुरूप है, जिसमें बड़े सरकारी कार्यक्रमों के दौरान आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को कम से कम प्रभावित करने पर जोर दिया जाता है। नेताओं की साझा आवाजाही से सुरक्षा एजेंसियों और ट्रैफिक पुलिस के लिए भी रूट मैनेजमेंट आसान हो सकता है।
संसद से भारत मंडपम तक साथ सफर
योजना के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री पहले संसद में एकत्र होंगे। इसके बाद सभी नेता एक साथ बस से भारत मंडपम के लिए रवाना होंगे, जहां BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होना है। हालांकि, इस पूरे मूवमेंट का अंतिम कार्यक्रम और रवाना होने का समय अभी तय किया जाना बाकी है।
सुरक्षा और ट्रैफिक एजेंसियों को भी राहत
एक ही बस में वरिष्ठ नेताओं की आवाजाही से सड़कों पर वाहनों के लंबे काफिले को कम किया जा सकेगा। इससे सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ ट्रैफिक नियंत्रण में भी आसानी हो सकती है। रूट पर लंबे समय तक प्रतिबंध लगाने की जरूरत कम होने से आम यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
12-13 सितंबर को होगा BRICS Summit
भारत 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। 2026 में भारत चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। इस साल भारत की अध्यक्षता की थीम ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ है, जिसका जोर लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर है।
ग्लोबल साउथ पर भारत का फोकस
भारत BRICS को विकास, वित्त, तकनीक, व्यापार और वैश्विक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर समाधान देने वाले मंच के रूप में मजबूत करना चाहता है। खास तौर पर ग्लोबल साउथ के विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को BRICS के एजेंडे में प्रमुखता देने पर जोर है।
क्यों महत्वपूर्ण है BRICS?
BRICS दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का एक अहम मंच बन चुका है। सदस्य देश वैश्विक शासन, आर्थिक सहयोग, वित्त, तकनीक, व्यापार और विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा करते हैं। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक और रणनीतिक, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
