18th BRICS Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से विश्व कल्याण हेतु सकारात्मक, सार्थक संवाद की उम्मीद जताई। व्लादिमीर पुतिन 11 सितंबर, 2026 को पहुंचे; 3:30 PM पर द्विपक्षीय बैठक होगी। एजेंडा में खाद्य, ऊर्जा, आपदा जोखिम और आपूर्ति शृंखलाएं शामिल हैं।
PM Modi BRICS: नई दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लेकर बड़ा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में दुनिया के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा का रास्ता खुलेगा। भारत इस दो-दिवसीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जिसमें कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं।
‘विश्व कल्याण’ पर सार्थक चर्चा की उम्मीद
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर कहा कि अगले कुछ दिनों में दुनिया भर के नेता BRICS Summit के लिए एकत्र होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बैठक विश्व कल्याण के दृष्टिकोण से विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा और ठोस विचार-विमर्श का मार्ग प्रशस्त करेगी।
खाद्य-ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा फोकस
भारत की अध्यक्षता में इस बार BRICS का एजेंडा सामूहिक लचीलेपन को मजबूत करने पर केंद्रित है। खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, आपदा जोखिम में कमी, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना और वैश्विक सहयोग इसके प्रमुख विषयों में शामिल हैं। भारत का जोर नीतिगत सहयोग और व्यावहारिक समाधान तलाशने पर है।
तनावपूर्ण वैश्विक माहौल के बीच सम्मेलन
18वां BRICS Summit ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया और यूक्रेन समेत कई क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है। ऐसे माहौल में सदस्य देशों के बीच साझा चुनौतियों पर चर्चा और बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। भारत की कोशिश BRICS को व्यावहारिक सहयोग के प्रभावी मंच के रूप में आगे बढ़ाने की है।
पुतिन पहुंचे दिल्ली, आज मोदी से मुलाकात
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार, 11 सितंबर को उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली पहुंचे। पालम एयर फोर्स स्टेशन पर विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
यूक्रेन और पश्चिम एशिया पर भी हो सकती है चर्चा
मोदी-पुतिन बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के साथ मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव के बीच दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर विचार-विमर्श अहम माना जा रहा है। व्यापार, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग भी बातचीत का हिस्सा हो सकता है।
कई देशों के शीर्ष नेता होंगे शामिल
BRICS Summit में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेसेश्कियन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा शामिल होंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी की मौजूदगी भी तय है। इसके अलावा मलेशिया, UAE, इथियोपिया और वियतनाम के शीर्ष नेता भी नई दिल्ली पहुंचेंगे।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भी भागीदारी
सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, WTO प्रमुख न्गोजी ओकोंजो-इवेला, WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस और New Development Bank की अध्यक्ष डिल्मा रूसेफ भी हिस्सा लेंगी। इससे BRICS Summit का वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।
