Abhijit Dipke: अचानक क्लास में घुसे अनजान चेहरे, सहमे बच्चे और डरे टीचर! लातूर में CJP चीफ अभिजीत दिपके पर FIR से हड़कंप! सरकारी स्कूल में बिना अनुमति एंट्री, क्लास में रुकावट और टीचरों को धमकाने के क्या हैं आरोप? CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर भी सवाल।
लातूर: महाराष्ट्र के लातूर जिले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनके कुछ साथियों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। आरोप है कि वे बिना अनुमति एक सरकारी स्कूल में दाखिल हुए, क्लास में रुकावट डाली और शिक्षकों को धमकाया। पुलिस ने यह कार्रवाई एक महिला शिक्षक की शिकायत के आधार पर की है।
स्कूल में अचानक पहुंचे दिपके, क्या हुआ?
यह मामला लातूर जिले के औसा के पास जवाली स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल का है। 53 वर्षीय शिक्षिका सैयद शमशादबानो खैरातली की शिकायत के बाद औसा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। शिकायत के मुताबिक, अभिजीत दिपके और उनके साथी बिना अनुमति स्कूल परिसर में पहुंचे। इसके बाद वे छात्रों के बीच बैठ गए और उनसे सवाल-जवाब करने लगे। आरोप है कि उनके इस दौरे से कक्षा में पढ़ाई और स्कूल के आधिकारिक कामकाज में बाधा पहुंची।
कैमरे में रिकॉर्ड हुआ पूरा मामला?
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दिपके ने स्कूल में हुई पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। दिपके सरकारी स्कूलों की स्थिति और समस्याओं को सामने लाने के लिए CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत लातूर के विभिन्न सरकारी स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। इसी अभियान के दौरान उन्होंने इस स्कूल का भी दौरा किया था।
टीचरों को सस्पेंड कराने की धमकी का आरोप
शिकायत के मुताबिक, दिपके ने स्कूल की व्यवस्था पर सवाल उठाए और कथित तौर पर शिक्षकों को सस्पेंड करवाने की धमकी दी। उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके दौरे के दौरान दूसरे स्कूल के छात्रों को लाकर इस स्कूल की क्लासरूम में बैठाया गया था। हालांकि, ये सभी बातें शिकायत में लगाए गए आरोप हैं। FIR दर्ज होना अपने आप में आरोपों के साबित होने का प्रमाण नहीं है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
औसा पुलिस ने अभिजीत दिपके और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 132, 329(3), 351(2) और 356(2) के तहत मामला दर्ज किया है। यह घटना मुंबई से 500 किलोमीटर से अधिक दूर औसा के पास हुई है। अब पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों, स्कूल में हुई घटना और वीडियो रिकॉर्डिंग से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान पर भी सवाल
दिपके का अभियान सरकारी स्कूलों की समस्याओं को उजागर करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, लेकिन FIR के बाद अब उनके स्कूल निरीक्षण के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं। क्या यह कार्रवाई केवल स्कूल में बिना अनुमति प्रवेश तक सीमित रहेगी या जांच के दौरान मामले में और तथ्य सामने आएंगे-इस पर नजर रहेगी।


