BRICS Summit 2026 में पीएम मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन की मुलाकात। मध्य पूर्व संकट, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा चिंताओं और डॉलर मुक्त व्यापार पर हुई अहम चर्चा की पूरी जानकारी पढ़ें।
PM Modi-Pezeshkian Meeting: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन शुक्रवार को BRICS Summit के लिए नई दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। खास बात यह है कि दो हफ्ते से भी कम समय में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान भी दोनों की बातचीत हुई थी। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच भारत-ईरान संबंधों के साथ मध्य पूर्व के मौजूदा संकट पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद BRICS से जुड़ी बैठकों में हिस्सा लेने के लिए ईरानी राष्ट्रपति का धन्यवाद किया। बैठक के दौरान उन्होंने क्षेत्र में स्थिरता और तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया।
Middle East Crisis: समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर भारत का जोर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा को अहम मुद्दा बताया है। सूत्रों के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि समुद्री यात्रियों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत ने संकट के स्थायी समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ने का सबसे प्रभावी रास्ता बताया। साथ ही भारत की चिंता ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी है। तेल और दूसरे जरूरी सामान ले जाने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित समुद्री रास्ता बनाए रखना महत्वपूर्ण बताया गया है।
Iran President Pezeshkian Speech BRICS: डॉलर के दबदबे को खत्म करने की पुरजोर मांग
BRICS Business Forum में पेज़ेशकियन ने कहा कि दुनिया इस समय भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने BRICS देशों के बीच व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल पर जोर दिया। ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि BRICS को ऐसा आर्थिक माहौल बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, जहां कोई देश वित्तीय साधनों पर एकाधिकार के जरिए दूसरे देशों के वैध व्यापार को प्रभावित न कर सके। उन्होंने BRICS की आर्थिक क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया और डॉलर पर निर्भरता कम करने की जरूरत बताई।
India Iran Relations BRICS Summit: बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता
बैठक के दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि भारत अपने मजबूत कूटनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करे और मध्य पूर्व में संघर्षरत पक्षों को हिंसा छोड़कर बातचीत की मेज पर लाने के लिए प्रोत्साहित करे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दोनों देशों के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिक्स साझेदार के रूप में भारत और ईरान साझा समृद्धि के लिए लगातार मिलकर काम कर रहे हैं।


