Strait of Hormuz Crisis: सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन पर इराक से आए कई ड्रोन ने वार किया। पंपिंग स्टेशन क्षतिग्रस्त, कुछ लोग घायल, पाइपलाइन बंद। इराक के अनुरोध पर सऊदी ने जवाबी कार्रवाई टाली। सैटेलाइट तस्वीरों में धुआं अंतरिक्ष से दिखा। Brent 110 और WTI 104 डॉलर तक गए, फिर नरमी आई।

Saudi Arabia Drone Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच सऊदी अरब के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। होर्मुज स्ट्रेट के बंद रहने से खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल की आवाजाही पहले ही प्रभावित है। ऐसे में सऊदी अरब अबकैक से लाल सागर के तट पर स्थित यनबू तक कच्चा तेल पहुंचाने वाली अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ज्यादा निर्भर हो गया था। इसी बीच पाइपलाइन के पास ड्रोन हमले ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंता पैदा कर दी।

ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के पास ड्रोन हमला

गुरुवार सुबह इराक की दिशा से लॉन्च किए गए कई ड्रोन ने सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के पास स्थित एक पंपिंग स्टेशन को निशाना बनाया। हमले में कुछ लोग घायल हुए और पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा। सुरक्षा के मद्देनजर सऊदी अधिकारियों ने पाइपलाइन का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। हमले के बाद सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में इलाके के ऊपर धुएं के बड़े गुबार दिखाई दिए।

सऊदी के लिए क्यों अहम है यह पाइपलाइन?

ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन सऊदी अरब के ऊर्जा ढांचे की बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके जरिए देश फारस की खाड़ी के समुद्री मार्गों पर अपनी निर्भरता कम करते हुए लाल सागर के रास्ते तेल निर्यात कर सकता है। यही वजह है कि इस पाइपलाइन पर हुआ हमला केवल एक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की घटना नहीं, बल्कि सऊदी की तेल आपूर्ति और निर्यात व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।

इराक के अनुरोध पर सऊदी ने रोकी जवाबी कार्रवाई

हमले के बाद सऊदी अरब ने तत्काल सैन्य जवाब देने के बजाय संयम बरतने का फैसला किया। सऊदी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इराक के प्रधानमंत्री के अनुरोध पर रियाद ने फिलहाल जवाबी कार्रवाई टाल दी है। सऊदी ने यह भी कहा कि वह इराकी जमीन से अपने और पड़ोसी देशों के खिलाफ होने वाले हमलों को रोकने के प्रयासों का समर्थन करेगा।

इराक में शुरू हुई जांच, सैन्य कमांडर पर कार्रवाई

हमले की जांच में इराकी अधिकारियों को पता चला कि ड्रोन इराकी क्षेत्र से लॉन्च किए गए थे। इसके बाद शनिवार तड़के इराकी सेना के एक कमांडर को पद से हटा दिया गया। इराकी प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह अधिकारी दक्षिणी इराक के मैसान प्रांत में सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी संभाल रहा था।

कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल

ड्रोन हमले का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत शुरुआती कारोबार में करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, हालांकि बाद में इसमें नरमी आई और यह लगभग 105 डॉलर के आसपास आ गई। वहीं WTI क्रूड भी करीब 104 डॉलर तक चढ़ने के बाद लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।

लाल सागर मार्ग बना नया जोखिम

होर्मुज स्ट्रेट में संकट, समुद्री मार्गों पर हमले और अब सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को निशाना बनाए जाने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अगर ऐसे हमले दोबारा होते हैं तो इसका असर सिर्फ सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर भी पड़ सकता है।