Bank Strike 2026 में 5 Days Banking की मांग को लेकर UFBU ने देशव्यापी हड़ताल की। जानिए सरकारी बैंकों में Cash, Cheque और Branch Services पर कितना असर पड़ा और UPI-ATM चलेंगे या नहीं।
Bank Strike 2026: देशभर में शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर साफ दिखाई दिया। United Forum of Bank Unions (UFBU) के आह्वान पर हुई इस nationwide strike का मुख्य मुद्दा सप्ताह में 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना है। इसके साथ वेतन, पेंशन और अन्य लंबित मांगों को लेकर भी यूनियनें सरकार पर दबाव बना रही हैं।
Bank Strike 2026: सरकारी बैंकों में कामकाज प्रभावित
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर Public Sector Banks यानी सरकारी बैंकों की शाखाओं पर पड़ा। कई जगह शाखाएं बंद रहीं, जबकि कुछ जगह सीमित कामकाज हुआ। Cash Deposit, Cash Withdrawal, Cheque Processing, KYC और दूसरे branch-based काम प्रभावित हुए। UFBU सात प्रमुख बैंक यूनियनों का संगठन है। यूनियन का दावा है कि यह बैंकिंग क्षेत्र के 90 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है। कुछ पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर भी असर पड़ने की संभावना रही, लेकिन private banks पर प्रभाव सरकारी बैंकों की तुलना में काफी सीमित रहा।
5 Days Banking की मांग क्यों?
मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी। इसके बावजूद, सरकार की ओर से अब तक आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की गई है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम का कहना है कि सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण कर्मचारियों पर यह हड़ताल थोपी गई है। उनका आरोप है कि केवल बैंक कर्मचारियों के साथ ही इस तरह का भेदभाव किया जा रहा है। UFBU का कहना है कि सरकार की ओर से 5 Days Banking पर अभी कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई है।
Bank Customers पर क्या पड़ा असर?
हड़ताल के दौरान Cash और Cheque से जुड़े कई काम प्रभावित हुए। हालांकि Digital Banking Services पर इसका सीधा असर नहीं पड़ा। UPI, Mobile Banking, Internet Banking और ATM जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहीं, हालांकि किसी खास बैंक में कुछ सेवाओं की स्थिति अलग हो सकती है।
Bank Employees की और क्या मांगें?
बैंक यूनियनों का गुस्सा सिर्फ 5 डे बैंकिंग तक सीमित नहीं है। वे पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता (DA) फॉर्मूला और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में वापस जाने का विकल्प देने की मांग भी जोर-शोर से उठा रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) समेत कई बड़े सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही एडवाइजरी जारी कर हड़ताल के कारण शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की आशंका जता दी थी। वर्तमान व्यवस्था में बैंक पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को खुले रहते हैं, जिसे कर्मचारी पूरी तरह खत्म कर 5 डे वीक लागू करने पर अड़े हैं।

