मध्य प्रदेश के खंडवा में नगर निगम में प्रतिपक्ष नेता दीपक मुल्लू राठौर आवारा कुत्तों की समस्या पर अनोखा विरोध कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हो रहे हैं।

मध्य प्रदेश के खंडवा में नगर निगम में प्रतिपक्ष नेता दीपक मुल्लू राठौर इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनका डॉगी के रूप धारण करने वाला वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। जहां वह कलेक्टर की जनसुनवाई के दौरान डॉगी के साथ आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कुत्तों की नसबंदी के मुद्दे को लेकर ज्ञापन सौंपा और अनोखे अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया।

डॉग की नसबंदी के नाम पर भ्रष्टाचार

खडंवा नेता प्रतिपक्ष दीपक मुल्लू राठौर ने आरोप लगाया कि नगर निगम में कुत्तों की नसबंदी के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है। कागजों में कुछ दिखाया जा रहा है और वास्तविकता इससे कहीं दूर दूर तक अलग है। उनका कहना है कि अगर नसबंदी की जाती तो शहर में कुत्तों की संख्या लगातार नहीं बढ़ती। उनका कहना है कि नसबंदी के नाम पर ₹40 लाख निकाल लिए गए हैं और इनकी नसबंदी का कोई पता नहीं है। हद हो हई खंडवा नगर निगम अब कुत्तों के नाम पर भी पैसे खा रहा है।

4 साल में डॉग बाइट के 13 हजार 225 मामले

दीपक राठौर ने कहा-शहर की हर गली और हर कॉलोनी में दर्जनों कुत्ते घूमते दिखते हैं। जो आए दिन शहर के लोगों को परेशानी बन रहे हैं। रोजाना आवारा कुत्ते पता नहीं कितने लोगों को काट रहे हैं। लगातार शहर में डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि खंडवा नगर में पिछले चार साल में डॉग बाइट के 13 हजार 225 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं इसी साल जनवरी से जुलाई तक सिर्फ सात महीनों में 2463 लोगों को डॉग अपना शिकार बना चुके हैं। अगर यही रफ्तार रही तो साल के अंत तक यह आंकड़ा चार हजार के पार होगा। उन्होंने नगर निगम पर आरोप लगाया कि नगर निगम के पास यह आंकड़ा तक नहीं है कि शहर में कितने कुत्ते हैं।

अनोखे विरोध की पूरे देश में चर्चा

बता दें कि कभी दीपक राठौर खुद कुत्ते का मास्क पहनकर खुद विरोध जताते हैं तो कभी वह अपने समर्थक को यह मास्क पहना देते हैं। इस अनोखे प्रदर्शन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जैसे ही वह डॉगी के वेश में युवक के साथ सड़क पर उतरते हैं तो लोग उनको देखने लगते हैं। कोई उनके साथ फोटो खींचता है तो कोई वीडियो बनाने लगता है। उनके इस अनोखे विरोध की खूब चर्चा हो रही है। वहीं कुछ लोग इस अलग अंदाज की सराहना कर रहे हैं। साथ ही नगर निगम की कार्यशैली और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।