अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक एआई मैप पोस्ट से दुनिया हैरान है! क्या होर्मुज़ वाकई अमेरिका का नया इलाका बन चुका है या ईरान का कड़ा रुख कोई भयंकर तबाही लाएगा? जानिए इस सीक्रेट महासंग्राम की पूरी कहानी!
वाशिंगटन / तेहरान: मध्य पूर्व के रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर वैश्विक तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के तेल व्यापार के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले इस चोकपॉइंट पर अपना पूर्ण अधिकार जताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला दांव चला है।
AI मैप से मचा तहलका: क्या अमेरिका का नया इलाका बनेगा होर्मुज़?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर एक AI-जनरेटेड मैप पोस्ट करते हुए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को "नया अमेरिकी इलाका" करार दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि पानी में बिछाई गई सभी बारूदी सुरंगों (माइन्स) को हटा दिया गया है और समुद्री रास्ता अब पूरी तरह खुला है। शुक्रवार को मज़ाक में कही गई बात को सोमवार को ट्रंप ने दोहराते हुए कहा, "मुझे इसे अपना इलाका घोषित करने का विचार पसंद है। इस जलडमरूमध्य पर हमारा पूरा कंट्रोल है।"
‘अमेरिकी इलाका’ बनाने का विचार क्यों आया?
ट्रंप इससे पहले भी होरमुज़ पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने कहा था कि जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करना उन्हें अच्छा विचार लगता है। उनका दावा था कि अमेरिका नाकेबंदी के जरिए इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर प्रभावी नियंत्रण रखता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान पानी में माइन्स बिछाता है तो इससे अरबों डॉलर के जहाजों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नाकेबंदी प्रभावी रही है और अमेरिका हर सप्ताह लाखों बैरल तेल निकाल रहा है।
तेहरान का पलटवार: "यह ईरान का था और ईरान का ही रहेगा"
ट्रंप के इस बड़े दावे पर ईरान ने तुरंत और कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी ग़ालिबाफ़ ने स्पष्ट शब्दों में अमेरिकी दावों को खारिज कर दिया। सरकारी टीवी पर प्रसारित संबोधन में ग़ालिबाफ़ ने कहा कि जब तक अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाता, तेल पर लगी पाबंदियां खत्म नहीं करता और फ्रीज़ संपत्ति को बहाल नहीं करता, तब तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य को किसी भी कीमत पर नहीं खोला जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान दुश्मन को और भी करारी हार देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कूटनीति बनाम धमकियां: बातचीत के दावों में विरोधाभास
जहां एक तरफ ट्रंप के दूत और दामाद जेरेड कुशनर ने दोनों देशों के बीच "सकारात्मक और सक्रिय बातचीत" की बात कही थी, वहीं ट्रंप ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने साफ किया कि तेहरान के साथ कोई बातचीत तय नहीं है और नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी।
दुनिया के तेल कारोबार पर क्यों पड़ेगा असर?
होरमुज़ दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्गों में से एक है। इसके जरिए वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में अमेरिका-ईरान तनाव और जलडमरूमध्य पर संभावित नियंत्रण की लड़ाई केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक तेल कीमतों और समुद्री व्यापार पर भी असर डाल सकती है।
मुख्य बिंदुओं पर एक नज़र:
- विवाद की वजह: फरवरी में इज़राइल के साथ मिलकर शुरू की गई सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को बंद कर दिया था।
- ट्रंप की पुरानी आदत: इससे पहले भी ट्रंप कनाडा को 51वां राज्य बनाने, ग्रीनलैंड और गाज़ा पट्टी पर कब्ज़े की धमकियाँ दे चुके हैं।
- वैश्विक असर: होर्मुज़ के संकट में उलझने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।


