क्या रद्द होंगी 2014 से अब तक की सभी विवादित भर्तियां? हेमंत सोरेन के बड़े फैसले के बाद भी JPSC-JSSC विवाद में छात्र CBI जांच पर क्यों अड़े हैं? जानिए झारखंड भर्ती घोटाले की अंदरूनी कहानी और आगे का सच!

Jharkhand Job Scam Cancelled 2026: झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 24 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन सोमवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की प्रमुख मांग मानते हुए 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं और भर्तियों में गड़बड़ियों की जांच कराने का ऐलान किया है। हालांकि, छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया है और वे CBI जांच की मांग पर अब भी अड़े हैं।

JPSC से JSSC तक, क्या-क्या जांच के घेरे में?

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि 2014 से अब तक झारखंड में हुई सभी परीक्षाओं की छोटी-बड़ी अनियमितताओं की जांच CID करेगी। इसमें JPSC और JSSC की परीक्षाएं भी शामिल हैं। सरकार ने TDPL (TSR Data Processing Pvt Ltd) से जुड़े नतीजों, उसके जरिए चुने गए उम्मीदवारों और कंपनी की झारखंड में गतिविधियों को भी रद्द करने की बात कही है। सोरेन ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का भी ऐलान किया।

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2024 पेपर लीक के बाद क्यों भड़का था गुस्सा?

छात्र लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित भर्ती घोटालों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। JSSC-CGL परीक्षा में 2024 में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द करने की मांग आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बन गई थी। सोमवार को प्रदर्शन 24वें दिन में पहुंच गया।

सरकार झुकी, लेकिन छात्र क्यों नहीं माने?

सरकार के ऐलान के तुरंत बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने साफ कर दिया कि केवल CID जांच से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि CBI जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि, रांची के सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के जल्द अनशन खत्म करने की संभावना जताई जा रही है।

राहुल गांधी के पत्र के बाद आया फैसला?

सरकार का यह ऐलान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुख्यमंत्री सोरेन को लिखे पत्र के कुछ घंटों बाद आया। गांधी ने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को समर्थन देते हुए सोरेन से उनसे मिलने और उनकी जायज मांगों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया था। CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र नेता सरकार की इस बड़ी राहत के बावजूद गतिरोध बरकरार है। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने स्पष्ट किया कि जब तक निष्पक्ष CBI जांच की मुख्य मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन और भूख हड़ताल जारी रहेगी। दूसरी ओर, अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के जल्द अनशन तोड़ने की संभावना जताई जा रही है। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या CBI जांच की मांग मानने के बाद 24 दिनों से चला आ रहा आंदोलन खत्म होगा?