Satyendar Jain Arrest 2026: दिल्ली जल बोर्ड के कथित टेंडर घोटाले में ACB ने सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने STP टेंडर में कथित हेरफेर और करीब 1.52 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल का दावा किया है। AAP ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए।
दिल्ली की राजनीति में मंगलवार को एक बार फिर बड़ा भूचाल आया। दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े कथित टेंडर घोटाले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला सिर्फ टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच एजेंसी ने करीब 1.52 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन का भी दावा किया है।
ACB के अनुसार, यह कार्रवाई दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के अपग्रेड और क्षमता बढ़ाने से जुड़े टेंडर की जांच के आधार पर की गई है। हालांकि, ये सभी आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और अदालत में इनकी न्यायिक जांच अभी बाकी है।
सत्येंद्र जैन समेत इन 6 लोगों की गिरफ्तारी
ACB ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें पूर्व दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, AN Enterprises के मालिक नागेंद्र यादव, Euroteck Environment Pvt. Ltd. के मालिक राजा कुमार कुर्रा और Srijanhar के प्रोपराइटर पंकज वर्मा शामिल हैं।
जांच एजेंसी का आरोप है कि STP से जुड़े टेंडर की शर्तों को कथित तौर पर इस तरह तैयार और संशोधित किया गया, जिससे किसी खास तकनीक और कंपनी को फायदा मिल सके। इससे दूसरी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा का दायरा सीमित होने का दावा किया गया है।
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कैसे सामने आया 1.52 करोड़ रुपये का कथित मनी ट्रेल?
ACB की जांच में पैसे के लेन-देन को अहम कड़ी माना जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक, कथित रिश्वत और कमीशन की रकम के ट्रांसफर के लिए AN Enterprises और Srijanhar जैसी कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी से जुड़े लोगों की ओर से AN Enterprises में रकम भेजी गई।
इसके बाद पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में कथित तौर पर करीब 1.52 करोड़ रुपये पहुंचे। ACB का आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल बाद में अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। अब जांच एजेंसी कथित मनी ट्रेल, रकम के स्रोत और इससे जुड़े दूसरे लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
टेंडर की शर्तों और अधिकारियों के बीच क्या हुआ?
ACB के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान टेंडर की शर्तों, corrigendum और बैठकों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। एजेंसी का दावा है कि निजी कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच इन मुद्दों को लेकर लगातार संपर्क था। जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई और तकनीक तथा इस्तेमाल होने वाले मीडिया को लेकर ऐसी शर्तें जोड़ी गईं, जिनसे एक विशेष कंपनी को फायदा पहुंच सकता था। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
गिरफ्तारी पर केजरीवाल और संजय सिंह ने उठाए सवाल
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि पिछला मामला भी फर्जी था और यह मामला भी फर्जी साबित होगा। उन्होंने सरकार पर विपक्षी नेताओं को झूठे आरोपों में जेल भेजने का आरोप लगाया।
वहीं, AAP सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं को चुनाव से पहले निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को पंजाब चुनाव से जोड़ते हुए बीजेपी पर चुनाव प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। दूसरी ओर, ACB का कहना है कि गिरफ्तारी जांच के दौरान सामने आए सबूतों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर की गई है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कथित टेंडर अनियमितताओं के साथ-साथ पैसों के पूरे लेन-देन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
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