Bihar Teacher Vacancy: बिहार में टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 32,388 स्कूल टीचरों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है।

पटना (बिहार): बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने राज्य में टीचरों की बंपर भर्ती का ऐलान किया है। मंगलवार को BPSC ने बताया कि शिक्षा विभाग के तहत 32,388 स्कूल टीचरों के पदों पर बहाली की जाएगी। इसके लिए योग्य भारतीय उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

BPSC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, "विज्ञापन के तहत शिक्षा विभाग, बिहार के अंतर्गत स्कूल टीचर के कुल 32,388 खाली पदों पर भर्ती के लिए योग्य भारतीय उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए हैं।"

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 <br>1 सितंबर से भरे जाएंगे फार्म</h2><ul><li>भर्ती के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन और फीस भरने की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी। फीस जमा करने की आखिरी तारीख 29 सितंबर है, जबकि उम्मीदवार 30 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं।</li></ul><h2>BPSC की वेबसाइट पर भर्ती प्रक्रिया की पूरी डिटेल</h2><p>आयोग ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी और गाइडलाइंस उसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मौजूद हैं। जो भी उम्मीदवार अप्लाई करना चाहते हैं, वे BPSC की वेबसाइट पर जाकर भर्ती प्रक्रिया, योग्यता और आवेदन के तरीके के बारे में जान सकते हैं।</p><div type="dfp" position=3>Ad3</div><h2>बिहार में गेस्ट फैकल्टी के लिए होगा बड़ा ऐलान</h2><ul><li>इस बीच, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को एक चिट्ठी लिखी है। उन्होंने राज्य सरकार से प्रस्तावित 'सहायक प्रोफेसर भर्ती नियम-2026' पर फिर से विचार करने की अपील की है। पासवान ने पारदर्शिता, उच्च शिक्षा की क्वालिटी और छात्रों व योग्य शिक्षकों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है।</li><li>बिहार के मुख्यमंत्री को लिखी अपनी चिट्ठी में पासवान ने कहा कि प्रस्तावित भर्ती नियमों को लेकर कई उम्मीदवारों और हितधारकों ने उनके सामने चिंताएं जाहिर की हैं। उन्होंने एक "संतुलित और निष्पक्ष तरीके" की जरूरत पर जोर दिया, जिससे काबिल उम्मीदवारों, लंबे समय से सेवा दे रहे गेस्ट फैकल्टी और छात्रों के हितों की रक्षा हो सके।</li><li>चिट्ठी में लिखा है, "बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती का मौका काफी लंबे समय बाद आया है। ऐसे में यह जरूरी है कि भर्ती प्रक्रिया में एक संतुलित और निष्पक्ष तरीका अपनाया जाए, जिससे काबिल उम्मीदवारों, लंबे समय से गेस्ट फैकल्टी के तौर पर सेवा दे रहे शिक्षकों और बिहार के छात्रों के हितों की रक्षा हो सके।</li></ul></p>