
Rajasthan Bus Fire: राजस्थान के दौसा में हुआ भीषण बस हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई हंसते-खेलते परिवारों की जिंदगी का सबसे खौफनाक अंत है। हरिद्वार से इंदौर लौट रहे यात्रियों को क्या पता था कि बुधवार की रात उनकी आखिरी रात साबित होने वाली है। इस दर्दनाक हादसे ने कुल 8 जिंदगियों को पल भर में राख के ढेर में बदल दिया, जिनमें मध्य प्रदेश के 6 लोग शामिल थे। हादसा इस कदर दिल दहला देने वाला और भयावह था कि 8 में से 6 शवों की सिर्फ हड्डियां ही बची हैं। आलम यह है कि अपनों के शवों को पहचानने के लिए अब डीएनए (DNA) टेस्ट का सहारा लेना पड़ रहा है। इस पूरी घटना में कुछ ऐसे वाकये सामने आए हैं, जिन्हें सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। इन्हीं में से एक सबसे दर्दनाक तस्वीर वह थी, जब एक पति अपनी पत्नी को बचाने के लिए चीखता-चिल्लाता रहा और कुछ ही पलों में उसकी आंखों के सामने पत्नी जिंदा जल गई।
🚨 राजस्थान के दौसा में भीषण सड़क हादसा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में हरिद्वार से इंदौर जा रही श्रद्धालुओं से भरी बस और एक ट्रक की टक्कर के बाद बस में भीषण आग लग गई।
बस में कुल 37 श्रद्धालु सवार थे। अब तक 6-7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है,… pic.twitter.com/1tdWpL15SP— suman (@suman_pakad) July 1, 2026
बड़वाह के रहने वाले होटल संचालक दीपक सिंह तंवर अपने पूरे परिवार के साथ 22 जून को वैष्णोदेवी, अमृतसर और हरिद्वार के दर्शन के लिए निकले थे। सब कुछ सामान्य था, परिवार में खुशियों का माहौल था। बुधवार को उन्हें इंदौर होते हुए अपने घर लौटना था। मौत के कुछ घंटे पहले तक दीपक बेहद खुश थे और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो और स्टेटस शेयर किया था। दीपक ने अपने स्टेटस पर लिखा था: "ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे... ढल गया दिन... हो गई रात।" इसके बैकग्राउंड में गाना चल रहा था-"सो गया ये जहां..."। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस स्टेटस के कुछ ही घंटों बाद दीपक हमेशा के लिए सो जाएंगे और यही शब्द उनकी जिंदगी की आखिरी डिजिटल याद बन जाएंगे। उन्होंने यात्रा के कई वीडियो भी साझा किए थे, जिनमें पूरा परिवार हंसता-मुस्कुराता और माता वैष्णो देवी के दर्शन करता दिखाई दे रहा था।
दौसा से दर्दनाक खबर—-दौसा की दर्दनाक घटना के बाद सड़क सुरक्षा पर दो दिन बहस होगी, फिर सब भूल जाएंगे।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ऋषिकेश से इंदौर जा रही बस ट्रेलर से टकराने के बाद आग का गोला बन गई।
नक़ली दुनिया गढ़ ली है,
उसे ही रोज़ दिखाया जाता है।
जबकि ज़मीनी हकीकत कुछ और ही… pic.twitter.com/EEoiycmjmk— Journalist Namita Sharma (@NamitaSharmaSV) July 1, 2026
दीपक की मौत की खबर मिलते ही उनका परिवार पूरी तरह टूट गया। घर पर मौजूद उनकी बहन कविता तंवर बार-बार बेहोश हो रही हैं। पड़ोसी उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे हैं। कविता ने बताया कि रात करीब ढाई बजे छोटे भाई सन्नी का फोन आया था। उसने बताया कि बस का एक्सीडेंट हो गया है और दीपक नहीं मिल रहे हैं। सुबह तक परिवार को उम्मीद थी कि शायद वह बच जाएं, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनकी मौत की पुष्टि हो गई।
Tragic News
At least 7 dead & over 15–22 injured after an Indore-bound sleeper bus from Rishikesh collided with a truck & caught fire on the Delhi-Mumbai Expressway in Dausa, Rajasthanpic.twitter.com/EYDhpBEh9w— SaffronSoul (@TheRealDharm) July 1, 2026
इस हादसे की सबसे दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी जितेंद्र पांडे की है, जो बड़वाह में वन विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। जितेंद्र अपनी पत्नी प्रियंका पांडे (35) और 7 साल के बेटे अभिनव के साथ लौट रहे थे। उनकी सीट ड्राइवर के ठीक पीछे थी। रात के सन्नाटे में अचानक एक जोरदार टक्कर और चीख-पुकार से जितेंद्र की आंख खुली। चारों तरफ अफरा-तफरी मची थी। जितेंद्र ने अपने बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन जब वो पत्नी प्रियंका को बचाने लौटे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। प्रियंका का पैर सीट के नीचे बुरी तरह फंस चुका था। जितेंद्र ने रोते हुए बताया: "मैंने प्रियंका का हाथ पकड़ा और उसे निकालने की पूरी कोशिश की। मैं दौड़कर बस के बाहर गया और खिड़की की तरफ से उसे खींचने लगा। लेकिन वह हिल भी नहीं पा रही थी। मैंने लोगों से बहुत भीख मांगी कि 'कोई मेरी मदद करो, इसे बाहर निकालो'... लेकिन सब घबराए हुए थे। देखते ही देखते बस में आग लग गई और मेरी पत्नी मेरे सामने जिंदा जल गई। मैं बस 'बचाओ-बचाओ' चिल्लाता रह गया।"
इस भीषण अग्निकांड में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। हादसे में जान गंवाने वाले उन 8 बदनसीब लोगों की सूची इस प्रकार है, जिनके घरों में अब सिर्फ मातम का सन्नाटा पसरा है:
| क्र. सं. | नाम और उम्र | निवास स्थान |
| 1. | भूमि (20 वर्ष) | इंदौर, मध्य प्रदेश |
| 2. | प्रियंका पांडे (35 वर्ष) | खरगौन, मध्य प्रदेश |
| 3. | निर्मला (61 वर्ष) | इंदौर, मध्य प्रदेश |
| 4. | देवेन्द्र (60 वर्ष) | सीहोर, मध्य प्रदेश |
| 5. | दीपक (29 वर्ष) | खरगौन, मध्य प्रदेश |
| 6. | धर्म सिंह (31 वर्ष) | झाबुआ, मध्य प्रदेश |
| 7. | राम औतार (28 वर्ष) | बस ड्राइवर |
| 8. | कुलदीप (31 वर्ष) | बस कंडक्टर |
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फॉरेंसिक और मेडिकल टीमों के लिए भी शवों की शिनाख्त करना नामुमकिन हो गया है। डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही गुरुवार को इन बदनसीबों के शव (अवशेष) उनके पैतृक गांव बड़वाह और इंदौर लाए जा सकेंगे। एक पल की लापरवाही या किस्मत का क्रूर खेल, जो भी हो, लेकिन इस सफर ने कई परिवारों को ऐसे गहरे जख्म दिए हैं जो कभी नहीं भर पाएंगे। इस हादसे में मध्यप्रदेश के कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, जबकि कई बच्चे और अन्य यात्री घायल अवस्था में अस्पतालों में भर्ती हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।