
धर्म परिवर्तन करना किसी व्यक्ति का निजी अधिकार है, लेकिन इसके बाद आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा या नहीं, यह सवाल कानूनी नियमों से जुड़ा है। 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने इस मुद्दे को फिर चर्चा में ला दिया। अदालत ने हिंदू धर्म से इस्लाम अपनाने वाले व्यक्ति को पुराने सामाजिक दर्जे के आधार पर पिछड़ा मुस्लिम वर्ग का आरक्षण देने से जुड़े मामले में मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि धर्म बदलने से हर श्रेणी का आरक्षण अपने आप समाप्त हो जाता है।
मामला तमिलनाडु सरकार के उस आदेश से जुड़ा था, जिसके तहत कुछ समुदायों से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को पिछड़ा मुस्लिम वर्ग का दर्जा देने का प्रावधान किया गया था। मद्रास हाई कोर्ट ने जून 2026 में इस आदेश को रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अक्टूबर को इस फैसले को बरकरार रखा।
इसका मुख्य संदेश यह है कि केवल धर्म बदल लेने से पुराने सामाजिक दर्जे के आधार पर नए धार्मिक समुदाय में OBC आरक्षण का दावा अपने आप स्वीकार नहीं किया जा सकता। OBC आरक्षण के लिए संबंधित समुदाय की मान्यता और लागू नियम महत्वपूर्ण हैं।
यह भी पढ़ें: दिल्लीवालों सावधान! 16 अक्टूबर को कई घंटे गुल रहेगी इन इलाकों में बिजली, यहां देखें लिस्ट
अनुसूचित जाति (SC) के मामले में संविधान (अनुसूचित जातियां) आदेश, 1950 के तहत हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म मानने वाले पात्र लोगों को ही SC दर्जा मिल सकता है। मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया कि ईसाई धर्म अपनाने वाला व्यक्ति केवल अपनी जन्मजात जाति के आधार पर SC दर्जा और उससे जुड़े वैधानिक लाभ का दावा नहीं कर सकता।
वहीं, अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए SC जैसी सामान्य धर्म-आधारित पाबंदी नहीं है। हालांकि, ST आरक्षण के लिए संबंधित अधिसूचित जनजाति से जुड़ी पात्रता और अन्य लागू शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं।
OBC आरक्षण संबंधित केंद्रीय या राज्य सूची, समुदाय की पहचान और लागू पात्रता नियमों पर निर्भर करता है। इसलिए हर धर्म परिवर्तन के मामले में एक जैसा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण में आय, संपत्ति और अन्य निर्धारित शर्तें देखी जाती हैं। इसके लिए पात्रता तय करते समय यह भी जरूरी है कि व्यक्ति SC, ST या OBC आरक्षण के दायरे में न आता हो।
नोट : धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण मिलेगा या नहीं, यह व्यक्ति की श्रेणी, संबंधित समुदाय और लागू कानून पर निर्भर करता है। किसी खास मामले में निर्णय लेने से पहले संबंधित सरकारी नियमों और कानूनी सलाह की जांच करना उचित है।
यह भी पढ़ें: Lucknow Airport: अंडरवियर में छिपा था 70 लाख का सोना, लंगड़ाकर चला तो खुल गया राज!
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।