कच्चे तेल का बेताज बादशाह रूस, भारत से क्यों खरीद रहा पेट्रोल? यूक्रेन ने पलट दिया पूरा गेम!

Published : Aug 13, 2026, 10:10 AM IST
russia imports petrol from india ukraine drone attacks refinery fuel crisis

सार

तेल का दिग्गज रूस आखिर भारत से पेट्रोल क्यों खरीद रहा है? यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने रूसी रिफाइनरियों की कमर तोड़ी, जिससे पेट्रोल संकट गहराया और मॉस्को को विदेशी ईंधन पर निर्भर होना पड़ा।

नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीति में एक अत्यंत अप्रत्याशित और ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला है। दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल उत्पादकों और निर्यातकों में से एक, रूस अब भारत से रिफाइंड पेट्रोल (ईंधन) का आयात कर रहा है। भारत, जो अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 90% हिस्सा आयात करता है (जिसका बड़ा हिस्सा रूस से आता है), अब खुद मॉस्को को रिफाइंड पेट्रोल की सप्लाई कर रहा है। यह अभूतपूर्व घटनाक्रम रूस-यूक्रेन युद्ध के चौथे वर्ष में प्रवेश करने के बीच ऊर्जा बाजार के बदलते समीकरणों को उजागर करता है।

रूस को भारत से मिली पेट्रोल की पहली खेप, यहीं से खुला बड़ा राज

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 5 अगस्त को रूस को भारतीय कंपनी नायरा एनर्जी से करीब 42,000 बैरल पेट्रोल की खेप मिली। इसे भारत से रूस को पेट्रोल की पहली ऐसी सप्लाई बताया गया। रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्गो गुजरात के वाडिनार पोर्ट से रवाना हुआ था। समुद्री रास्ते में इसे मिस्र के डामिएटा पोर्ट पर दूसरे जहाज में ट्रांसफर किया गया और फिर रूस पहुंचाया गया। जुलाई में भी वाडिनार से पेट्रोल लेकर कई जहाज रवाना हुए थे। इनमें से कुछ कार्गो को मिस्र के बंदरगाहों पर दूसरे जहाजों में ट्रांसफर किया गया। इससे रूस की ओर जा रही पेट्रोल सप्लाई का संकेत मिला।

जमीन के नीचे तेल की कमी नहीं, फिर पेट्रोल क्यों नहीं बना पा रहा रूस?

रूस की समस्या कच्चे तेल की उपलब्धता नहीं है। उसके पास दुनिया के बड़े तेल भंडार हैं। असली संकट रिफाइनिंग क्षमता का है। कच्चे तेल को पेट्रोल या डीजल में बदलने के लिए रिफाइनरी जरूरी होती है। यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लंबी दूरी के ड्रोन हमले तेज किए हैं। इससे कई संयंत्रों के संचालन और उत्पादन पर असर पड़ा। ब्लूमबर्ग द्वारा बताए गए एनर्जी एस्पेक्ट्स के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई की शुरुआत में रूसी रिफाइनरियां औसतन करीब 3.91 मिलियन बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन प्रोसेस कर रही थीं। यह पिछले साल के औसत से लगभग 1.4 मिलियन बैरल प्रतिदिन कम था।

ड्रोन हमलों ने रूस की सबसे बड़ी ताकत को बना दिया कमजोरी

रॉयटर्स के अनुसार, 2026 में रूस की कई रिफाइनरियां और प्रमुख रिफाइनिंग सुविधाएं यूक्रेनी ड्रोन हमलों की चपेट में आईं। ओम्स्क, रियाज़ान और ओर्स्क जैसी प्रमुख रिफाइनरियों पर भी हमलों की रिपोर्ट सामने आई। रिफाइनिंग क्षमता घटने का सीधा असर घरेलू पेट्रोल सप्लाई पर पड़ा। गर्मियों में रूस में ईंधन की मांग बढ़ती है और इसी दौरान उत्पादन में व्यवधान ने संकट को और गंभीर कर दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, रूस में गर्मियों के दौरान पेट्रोल की खपत करीब 1.10 लाख टन प्रतिदिन तक पहुंच सकती है।

निर्यात पर रोक के बावजूद खत्म नहीं हुई पेट्रोल की कमी

घरेलू बाजार को प्राथमिकता देने के लिए रूस ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों और क्रीमिया में ईंधन की कमी और राशनिंग की खबरें सामने आईं। यानी रूस के पास कच्चा तेल होने के बावजूद उसे तैयार ईंधन की जरूरत पड़ने लगी।

भारत ही क्यों बना रूस के लिए अहम सप्लायर?

भारत की कहानी यहां बिल्कुल अलग है। देश अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 90 फीसदी हिस्सा आयात करता है, लेकिन उसके पास दुनिया की बड़ी रिफाइनिंग क्षमताओं में से एक है। भारतीय रिफाइनरियां आयातित कच्चे तेल को पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों में बदलकर घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बेचती हैं। यही क्षमता अब रूस के लिए काम आ रही है। रॉयटर्स के अनुसार, रूस ने भारत के अलावा बेलारूस और कजाकिस्तान से भी पेट्रोल की सप्लाई बढ़ाई है। मॉस्को की योजना अलग-अलग स्रोतों से हर महीने करीब 4 लाख टन पेट्रोल आयात करने की बताई गई है।

तेल बाजार में क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

रूस का भारत से पेट्रोल खरीदना सिर्फ एक अस्थायी व्यापारिक सौदा नहीं है। यह दिखाता है कि तेल उत्पादन और रिफाइनिंग क्षमता दो अलग-अलग ताकतें हैं। रूस के पास कच्चे तेल का विशाल भंडार है, लेकिन युद्ध ने उसकी रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित किया तो वही देश तैयार पेट्रोल के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हो गया। यही इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट है-तेल का बड़ा निर्यातक रूस अब भारत जैसे रिफाइनिंग पावरहाउस से पेट्रोल खरीद रहा है। आने वाले महीनों में अगर रूसी रिफाइनरियों पर हमले और उत्पादन बाधित रहे, तो भारत की भूमिका वैश्विक ईंधन बाजार में और महत्वपूर्ण हो सकती है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Karnataka Bandh Today: बंद के बावजूद नहीं बंद होंगे स्कूल, जानें क्या खुला और क्या रहेगा चालू
USA में डबल मर्डर: भारतीय मूल के किशोर पर मां-भाई की हत्या का आरोप, ChatGPT पर चौंकाने वाली सर्च