रूस से डराने वाली खबर: लैब में एक चूक से फैला जानलेवा बैक्टीरिया, 5 अस्पताल बंद, 200+ क्वारंटीन

Published : Oct 05, 2026, 12:10 PM IST
Russia pneumonic plague

सार

Russia Pneumonic Plague: रूस के इरकुत्स्क में टेस्ट्यूब फटने से जिंदा बैक्टीरिया के संपर्क में आने से एक लैब टेक्नीशियन की मौत हो गई। इसके बाद वहां कोविड से भी खतरनाक बीमारी फैलने के डर से हड़कंप मच गया है।

रूस के साइबेरियाई इलाके इरकुत्स्क में एक 28 साल की लैब टेक्नीशियन की प्लेग से मौत की खबर के बाद कम से कम 5 अस्पताल बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा 200 से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। इलाके में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई तरह के एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। कुछ डॉक्टर इसे कोविड से भी खतरनाक बता रहे हैं।

यह मामला शेलेखोव स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट से जुड़ा बताया जा रहा है। मृतक लैब टेक्नीशियन की पहचान दार्या शिपिलोवा के रूप में हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें एक टूटी हुई टेस्ट ट्यूब के संपर्क में आने के बाद न्यूमोनिक प्लेग होने की आशंका जताई गई थी। यह बीमारी तेजी से फैल सकती है और समय पर इलाज नहीं मिलने पर जानलेवा हो सकती है।

टेस्टिंग के दौरान टूटी थी जिंदा बैक्टीरिया वाली टेस्ट ट्यूब

  • स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दार्या शिपिलोवा ने मेडिकल स्टाफ को बताया था कि सैंपल की टेस्टिंग के दौरान उनसे गलती से एक टेस्ट ट्यूब टूट गई थी।
  • बताया गया कि उस टेस्ट ट्यूब में जिंदा बैक्टीरिया मौजूद थे। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 29 सितंबर को उन्हें शेलेखोव के एक अस्पताल में गंभीर निमोनिया जैसे लक्षणों के साथ भर्ती कराया गया था।
  • हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन 1 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई।

200 से ज्यादा लोग क्वारंटीन, सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द

  • मृतक के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है। अब तक 200 से ज्यादा लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। इन लोगों की मेडिकल निगरानी की जा रही है और नियमित जांच भी की जा रही है।
  • इरकुत्स्क में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों को भी रद्द किए जाने की खबर है। वहीं, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

न्यूमोनिक प्लेग क्या है?

  • प्लेग एक गंभीर और तेजी से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। यह संक्रमित पिस्सुओं (fleas) के काटने और मारमोट जैसे संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से जानवरों और इंसानों के बीच फैल सकती है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, न्यूमोनिक प्लेग प्लेग का सबसे खतरनाक रूप है। इसे फेफड़ों से जुड़ा प्लेग भी कहा जाता है।
  • संक्रमण होने के बाद इसके लक्षण बहुत तेजी से दिखाई दे सकते हैं। कई मामलों में लक्षण 24 घंटे के भीतर भी सामने आ सकते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में सांस लेने में परेशानी और खांसी शामिल हैं। कई बार खांसी के साथ खून वाला बलगम भी आ सकता है।

न्यूमोनिक प्लेग कितनी तेजी से फैलता है?

  • न्यूमोनिक प्लेग का इन्क्यूबेशन पीरियड यानी संक्रमण होने और लक्षण दिखाई देने के बीच का समय 24 घंटे जितना कम हो सकता है।
  • न्यूमोनिक प्लेग से संक्रमित व्यक्ति सांस के जरिए निकलने वाले कणों के माध्यम से दूसरे लोगों तक भी संक्रमण पहुंचा सकता है।
  • इसी वजह से इस बीमारी की पहचान और समय पर इलाज बेहद जरूरी माना जाता है।
  • WHO के अनुसार, अगर न्यूमोनिक प्लेग की समय पर पहचान नहीं होती और इसका इलाज नहीं किया जाता, तो यह जानलेवा हो सकता है।
  • हालांकि, अगर बीमारी का समय रहते पता चल जाए और मरीज को सही इलाज मिल जाए, खासकर लक्षण शुरू होने के 24 घंटे के भीतर इलाज शुरू कर दिया जाए, तो ठीक होने की संभावना काफी ज्यादा होती है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Flydubai Attack: 3 देशों के वो 3 ब्लंडर, जिससे कॉकपिट तक पहुंचा कट्टरपंथी पायलट, पढ़ें लेटेस्ट अपडेट
Anti-Littering Drive: दिल्ली में कचरा फैलाने वालों पर लगेगी लगाम! AI बताएगा कहां-कहां जमा होता है सबसे ज्यादा कचरा