AI Regulation: AI से लोकतंत्र को क्या खतरा? एस जयशंकर ने राजनीतिक प्रक्रियाओं पर उठाए सवाल

Published : Oct 14, 2026, 07:57 AM IST
AI Regulation: AI से लोकतंत्र को क्या खतरा? एस जयशंकर ने राजनीतिक प्रक्रियाओं पर उठाए सवाल

सार

AI Regulation and Safety: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने AI के लिए कड़े नियम बनाने की मांग की है। उन्होंने इसे 'सभी तकनीकों की जननी' बताते हुए कहा कि इसका असर परमाणु तकनीक से भी ज्यादा होगा, इसलिए इसके इस्तेमाल और जिम्मेदारी पर गंभीर चर्चा जरूरी है।

AI Impact on Democracy: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से हमारी जिंदगी का हिस्सा बन रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार और राजनीति से लेकर रोजमर्रा के कामों तक इसका प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने AI के विकास के साथ उसके नियमन, सुरक्षा और जवाबदेही पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इस तकनीक का असर व्यापक होगा, इसलिए इसे केवल बाजार और बड़ी टेक कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।

AI की तुलना परमाणु तकनीक से करना क्यों मुश्किल?

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में एडिटर-इन-चीफ जॉन मिकलथवेट के साथ बातचीत के दौरान जयशंकर ने कहा कि AI का दायरा दूसरी तकनीकों से काफी अलग है। परमाणु तकनीक का इस्तेमाल सीमित संस्थाओं और देशों तक रहा, जबकि AI की पहुंच आम लोगों तक है। इसका प्रभाव करोड़ों लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है। इसलिए इसके विकास और इस्तेमाल को लेकर व्यापक स्तर पर चर्चा जरूरी है।

सिर्फ चिप्स और फंडिंग नहीं, आम लोगों पर भी हो चर्चा

जयशंकर के मुताबिक, फिलहाल AI को लेकर होने वाली ज्यादातर चर्चा तकनीकी कंपनियों, कंप्यूटिंग क्षमता, चिप्स, ऊर्जा, पानी और निवेश के आसपास घूमती है। लेकिन असली सवाल यह है कि इस तकनीक का इस्तेमाल कहां और कैसे होगा। इसके सामाजिक परिणाम क्या होंगे और आम लोगों की जिंदगी में क्या बदलाव आएंगे? उनके अनुसार, AI के वास्तविक उपयोग और उसके नतीजों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

लोकतंत्र और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर AI का असर

विदेश मंत्री ने AI के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक समाजों में यह समझना जरूरी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस राजनीतिक प्रक्रियाओं और उनकी विश्वसनीयता को किस तरह प्रभावित कर सकता है। AI के बढ़ते प्रभाव के बीच लोकतांत्रिक व्यवस्था की साख बनाए रखना एक अहम चुनौती होगी। इसलिए इसके संभावित दुरुपयोग और उससे जुड़े जोखिमों पर गंभीर विचार होना चाहिए।

भारत ने AI के लिए रेगुलेशन और सुरक्षा उपायों पर दिया जोर

AI गवर्नेंस पर भारत का रुख स्पष्ट करते हुए जयशंकर ने कहा कि सरकार और समाज में इस बात को लेकर व्यापक सहमति है कि इस तकनीक के लिए नियमन और सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। उन्होंने AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर सार्थक बहस की जरूरत भी बताई। उनके मुताबिक, तकनीक के विकास के साथ यह तय करना भी महत्वपूर्ण है कि उसके इस्तेमाल की जिम्मेदारी किसकी होगी और जोखिमों से कैसे निपटा जाएगा।

AI का फायदा आम लोगों तक पहुंचाना जरूरी

जयशंकर ने कहा कि AI को ज्यादा सुलभ और किफायती बनाया जाना चाहिए, ताकि समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिल सके। तकनीक पर नियंत्रण कुछ ऐसी ताकतों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, जिनके फैसलों पर आम लोगों का कोई प्रभाव न हो। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI का इस्तेमाल लोगों की वास्तविक जरूरतों को पूरा करने और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए।

'मानवता के लिए AI' भारत के दृष्टिकोण का हिस्सा

विदेश मंत्री ने भारत के AI दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने और सामाजिक बदलाव लाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, AI से जुड़े ऐसे उपयोग विकसित किए जाने चाहिए जो लोगों की जरूरतों के अनुरूप हों और जिनका लाभ व्यापक स्तर पर समाज को मिले।

AI को बाजार के भरोसे छोड़ना क्यों ठीक नहीं?

जयशंकर ने उभरती तकनीकों के लिए नीतिगत निगरानी और मजबूत सुरक्षा ढांचे की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI का दायरा इतना व्यापक है कि इससे जुड़े सुरक्षा और बचाव के मुद्दों को केवल बाजार के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। तकनीक का विकास जारी रखते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका इस्तेमाल जिम्मेदारी से हो और उसके लाभ समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचें।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Delhi Restaurant Fire: आग से बचने के लिए पहली मंजिल से कूदे लोग, देखें वीडियो
Marco Rubio India Visit: फिर भारत आ रहे मार्को रुबियो, जामनगर दौरे के पीछे क्या है बड़ी वजह?