Navratri 2026 : कटरा से कामाख्या तक उमड़ा भक्तों का सैलाब, तस्वीरों में देखें माता जी की भक्ति

Published : Oct 11, 2026, 10:19 AM IST
Navratri 2026

सार

Shardiya Navratri 2026 : 10 अक्टूबर यानि आज रविवार से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। सबह 4 बजे से ही देशभर के मंदिरों में भक्तों का तांता लग गया है। जम्मू-कश्मीर के माता वैष्णो देवी और सुकराला माता मंदिर से लेकर असम के कामाख्या और दिल्ली के छतरपुर मंदिर तक, हर जगह उत्सव का माहौल है।

नई दिल्ली: नौ दिनों तक चलने वाले शारदीय नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत हो गई है। रविवार को सुबह से ही देशभर के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना और माता का आशीर्वाद लेने के लिए हजारों भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। जम्मू-कश्मीर के कटरा में भी पूरी तरह से त्योहारी माहौल नजर आ रहा है। श्री माता वैष्णो देवी के बेस कैंप में श्रद्धालुओं का भारी हुजूम पहुंच रहा है। चढ़ाई शुरू करने के मुख्य बिंदु 'दर्शनी ड्योढ़ी' पर भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। त्रिकुटा पहाड़ियों के बीच स्थित श्री माता वैष्णो देवी भवन को खूबसूरत लाइटों से सजाया गया है, जिससे वहां का नजारा बेहद अलौकिक लग रहा है।

सुकराला माता मंदिर में भारी भीड़

कठुआ जिले में भी भक्ति की ऐसी ही लहर देखने को मिली। बिलावर के ऐतिहासिक सुकराला माता मंदिर में भारी भीड़ जुटी है। मंदिर परिसर को ताजे फूलों और फलों से सजाया गया है। भीड़ को संभालने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं।



सुकराला माता मंदिर में इस बार स्पेशल व्यवस्था

व्यवस्थाओं को लेकर बिलावर के अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) विश्वजीत सिंह ने ANI को बताया, "इस बार हमने माता के गर्भगृह को पूरी तरह से सजाने और संवारने की हर संभव कोशिश की है। हम तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं ताकि वे यहां आकर माता सुकराला का आशीर्वाद ले सकें। जैसा कि आप देख सकते हैं, हमने गर्भगृह को ताजे फूलों और फलों से सजाया है। इसके अलावा, सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम हैं। इलाके की निगरानी के लिए CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस (JKP) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात हैं। चिंता की कोई बात नहीं है।"



श्रद्धालु ने खुद बताया शानदार अनुभव

  • मंदिर में दर्शन करने आए भक्तों और लंगर आयोजकों ने भी हाल ही में हुए विकास कार्यों पर खुशी जताई। उन्होंने नई बनी दो मंजिला सराय (तीर्थयात्री विश्राम गृह) और पक्के रास्तों की काफी तारीफ की।
  • एक श्रद्धालु ने ANI को बताया, “कल जब हम यहां पहुंचे और नई बनी सराय देखी, तो हमारा दिल खुश हो गया। हमने ADC साहब से भी मुलाकात की और उनके शानदार काम के लिए उनकी तारीफ की। पिछले चार महीनों में जो काम हुआ है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया।”
  • मंदिर के मुख्य पुजारी ने बताया कि दर्शन के लिए कपाट सुबह 4:00 बजे ही खोल दिए गए थे। उन्होंने कहा कि अगले नौ दिनों तक भीड़ को देखते हुए खास फलाहार और 24 घंटे सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। उन्होंने भी इन सभी इंतजामों के लिए ADC की जमकर तारीफ की।



व्रत रखने वालों के लिए खास फलाहार

पुजारी ने ANI से बातचीत में कहा, "हम सुबह 4:00 बजे से ही भक्तों को दर्शन करा रहे हैं। रविवार होने की वजह से आज काफी भीड़ रहेगी। पूरे नौ दिनों तक भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। व्रत रखने वालों के लिए खास फलाहार समेत लंगर की पूरी व्यवस्था है। प्रशासन की तरफ से हमारे ADC साहब ने बहुत अच्छी पहल की है। सिर्फ तीन महीने में उन्होंने इस जगह की कायापलट कर दी है। देखिए, ये सभी नए गेट लगाए गए हैं। यह सारी सजावट उन्हीं की देखरेख में हो रही है।

यहां माता की पवित्र बावड़ी

धर्मशाला के लिए उन्होंने बेहतरीन इंतजाम किए हैं—मार्बल लगवाना, दो मंजिला सराय, वॉशरूम और बाकी सुविधाएं... राम नवमी पर यहां एक विशाल यज्ञ होता है। ADC साहब इस बार एक बहुत बड़े लंगर का आयोजन कर रहे हैं, और मैं इसकी सफलता की प्रार्थना करता हूं। यहां माता की पवित्र बावड़ी (प्राकृतिक जल स्रोत) है, जहां स्नान की रस्में होती हैं। हम माता के पवित्र स्नान के लिए सुबह 4:00 बजे और फिर शाम को पवित्र जल लाते हैं। यहां जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और यहां तक कि विदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।"



कामाख्या मंदिर में भी उमड़ी भारी भीड़

जम्मू-कश्मीर के अलावा, उत्तर और पूर्वी भारत के अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों पर भी भक्ति का ऐसा ही रंग देखने को मिला। असम में गुवाहाटी की नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित पवित्र कामाख्या मंदिर में सुबह की पूजा के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। वहीं, उत्तराखंड के हरिद्वार में भी मनसा देवी मंदिर में पहले दिन पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।



दिल्ली के कालीबाड़ी में भी भारी भीड़

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी इस मौके पर छतरपुर मंदिर और काली बाड़ी समेत कई प्रमुख मंदिरों में भक्त पूजा करते नजर आए।



लखनऊ में मां चंद्रिका देवी मंदिर में एंट्री पर पाबंदी

हालांकि, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से मशहूर मां चंद्रिका देवी मंदिर में पानी भर गया। इस वजह से वहां भक्तों की एंट्री फिलहाल रोक दी गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आम लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है, जबकि पुजारी गर्भगृह के अंदर रोजमर्रा की पूजा कर रहे हैं।

चंद्रिका देवी के वरदान से दुश्मन भी दोस्त बन जाते

शारदीय नवरात्रि के दौरान, श्री कनकदुर्गा को श्री महा चंद्रिका देवी के रूप में सजाया जाता है। श्री महा चंद्रिका महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती के 'त्रिशक्ति' रूप का प्रतीक हैं। उनका जन्म दैवीय उद्देश्यों को पूरा करने, दुष्टों को सजा देने और सज्जनों की रक्षा करने के लिए हुआ था।
श्री चंद्रिका देवी में कई देवी-देवताओं का वास माना जाता है। श्री महा चंद्रिका की पूजा करना सभी देवताओं की पूजा करने के बराबर है। उनकी कृपा से इंसान को ज्ञान, प्रसिद्धि और धन की प्राप्ति होती है, और दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं। मांगी गई सभी मुरादें जल्द पूरी होती हैं।


PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Donald Trump: चुनाव से पहले ईरान ने की कोई हरकत, तो देंगे करारा जवाब, हूतियों पर भी एक्शन की तैयारी
Dhruv Rathee Released: दिल्ली पुलिस ने देर रात छोड़ा, किस शर्त पर हुई ध्रुव राठी की रिहाई?