शिवराज सिंह चौहान क्यों 'धरने पर बैठे', गुस्से में बोले-' ये तो जुल्म की इंतहा हो गई...

Published : Oct 12, 2026, 02:01 PM IST
Shivraj Singh Chouhan

सार

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर के कोसमी गांव पहुंचे। जहां उन्होंने प्रशासन ने तोड़े 12 आदिवासियों के मकान पीड़ितों से मुलकात की। इस दौरान पहले शिवराज मंजर देख भावुक हुए, फिर गु्स्से में बोले-' ये तो जुल्म की इंतहा हो गई। सीएम मोहन यादव जी इस पर ध्यान दीजिए।

सीहोर के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घर टूटने का मामला सामने आया है। रविवार दोपहर करीब 2 बजे वन विकास निगम ने 12 मकान तोड़ दिए। इस दौरान फसलें भी कुचल दी गईं। घर उजड़ने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जब पीड़ितों से मिलने पहुंचे, तो महिलाएं उनसे लिपटकर रोने लगीं। उनकी पीड़ा सुनकर शिवराज ने नाराजगी जताई और अधिकारियों से बात कर प्रभावित परिवारों के लिए मदद मांगी। इसके साथ ही वह धरना दे रहे आदिवासियों के साथ धरना स्थल पर भी बैठकर न्याय की गुहार लगाई।

पीड़ितों से मिलकर भावुक हुए शिवराज

शिवराज सिंह चौहान ने धरना स्थल पर बैठकर परिवारों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में जुल्म और अन्याय की इंतिहां हो गई है। जिन घरों में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब उनके रोने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। महिलाएं छाती पीटकर रो रही हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को शर्मनाक बताया और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

मुख्य सचिव को फोन कर दिए निर्देश

शिवराज ने मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से फोन पर बात की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए नए घर बनवाने और स्थायी व्यवस्था होने तक उनके रहने-खाने का इंतजाम करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने भी मामला उठाने की बात कही। मौके पर वन विकास निगम और प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी मामले की जानकारी दी।

पहले भी घर नहीं तोड़ने को कहा था

कोसमी गांव विदिशा संसदीय क्षेत्र और बुधनी विधानसभा क्षेत्र में आता है। जानकारी के मुताबिक, करीब एक साल पहले शिवराज ने अधिकारियों से आदिवासियों के घर नहीं तोड़ने को कहा था। उनकी शिकायत पर सीहोर के तत्कालीन डीएफओ मगन सिंह डाबर को हटाया भी गया था। इसके बावजूद रविवार को कार्रवाई हुई।

गांव में बरेला समुदाय के कई परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। मकान टूटने और फसलें नष्ट होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिवराज ने कहा कि गरीबों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

शिवराज सिंह दुखी होकर बोले- ‘ये जुल्म की इंतिहां और तानाशाही...बैठे धरने पर!
Jantar Mantar: कौन है आशीष सूद? जिन्होंने यहां सबसे पहले किया आंदोलन, जानिए जंतर-मंतर के 5 फैक्ट