AI से बनाया नकली मगरमच्छ, फिर जो हुआ वो चौंकाने वाला था! बंद करनी पड़ीं वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज

Published : Oct 03, 2026, 09:42 AM IST
ai fake crocodile photo

सार

सिंगापुर में एक व्यक्ति ने AI से बनी मगरमच्छ की फर्जी फोटो भेजी। इससे दहशत फैली और प्रशासन को वाटर स्पोर्ट्स रोकने पड़े। पुलिस जांच में खबर झूठी निकलने पर अब उसे 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से मगरमच्छ की एक फर्जी फोटो बनाकर अपने साथी को भेजना सिंगापुर में एक शख्स को भारी पड़ गया है। एक छोटे से मजाक के तौर पर शुरू हुआ ये मामला बाद में इतनी बड़ी खबर बन गया कि इलाके में वाटर स्पोर्ट्स तक रोकने पड़ गए और प्रशासन को सघन तलाशी अभियान चलाना पड़ा। अब इस युवक को फर्जी खबर फैलाने समेत कई गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है।

एक AI फोटो ने कैसे बढ़ा दी मुसीबत!

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 अगस्त को इंडोनेशियाई नागरिक ये लिन ने AI का इस्तेमाल करके एक फोटो बनाई। इस फोटो में ऐसा लग रहा था जैसे सिंगापुर के पांडन रिजर्वायर (Pandan Reservoir) में कोई मगरमच्छ तैर रहा हो। लिन ने ये फोटो अपने एक सहकर्मी को भेज दी। फोटो मिलते ही सिंगापुर की राष्ट्रीय जल एजेंसी पब (PUB - Public Utilities Board) को पांडन रिजर्वायर में मगरमच्छ होने की सूचना मिल गई। इसके बाद सब कुछ बहुत तेजी से हुआ। रिजर्वायर इलाके में मगरमच्छ को खोजने और पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिंगापुर रोइंग एसोसिएशन और सिंगापुर कैनो फेडरेशन ने रिजर्वायर में होने वाली सभी पानी की गतिविधियों और खेलों पर तुरंत रोक लगा दी। पूरे एक दिन की कड़ी तलाशी के बाद 21 अगस्त को पब (PUB) ने साफ किया कि ये फोटो पूरी तरह से फर्जी है। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि दोस्त को फोटो भेजने के बाद लिन ने अपने मोबाइल से AI से बनी वो तस्वीरें डिलीट कर दी थीं और जेमिनी (Gemini) ऐप की लॉग हिस्ट्री भी मिटा दी थी। इस फर्जी खबर को लेकर पब के अधिकारियों ने ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

हो सकती है 7 साल तक की जेल

पुलिस ने साफ कहा है कि समाज में इस तरह की गलत जानकारी फैलने से लोगों में डर और परेशानी बढ़ती है। साथ ही, ऐसे फर्जी मैसेजेस से निपटने में सरकारी संसाधनों की भी बर्बादी होती है। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद, रिपोर्ट्स के मुताबिक लिन ने कोर्ट में फर्जी मैसेज फैलाने और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने का अपना जुर्म कबूल कर लिया है। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई नवंबर तक के लिए टाल दी है। अगर लिन दोषी साबित होता है, तो उसे एक अपराध के लिए अधिकतम तीन साल की जेल और लगभग 7.4 लाख रुपये का जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। वहीं, न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप साबित होने पर उसे अधिकतम सात साल तक की जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

Bhadohi में शर्मनाक घटना: जाति पूछकर इलाज से इनकार! सड़क किनारे महिला ने दिया बच्चे को जन्म
Flydubai Flight Attack: कौन है को-पायलट हमाम अल-हम्मामी? CNN की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा