90 मीटर की ऊंचाई पर महा-रहस्य: 11 तीर्थों के जल के साथ PM मोदी करेंगे सोमनाथ में कुछ ऐसा, जो पहले कभी नहीं हुआ!

Published : May 10, 2026, 09:11 AM IST

Somnath Temple Shikhar Kumbabhishek: 75 साल बाद सोमनाथ मंदिर में होने जा रहा है पहला शिखर कुंभाभिषेक। 90 मीटर ऊंचा शिखर पर 11 तीर्थों का पवित्र जल चढ़ेगा, जबकि नरेंद्र मोदी खुद इस रहस्यमयी और ऐतिहासिक अनुष्ठानों का नेतृत्व करेंगे।

PREV
15

Shikhar Kumbabhishek 2026: 11 मई 2026 की तारीख और सोमवार का दिन भारत के आध्यात्मिक मानचित्र पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रही है। प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ महादेव के दरबार में 'सोमनाथ अमृत पर्व' का आयोजन हो रहा है, जिसका मुख्य आकर्षण मंदिर के 90 मीटर ऊंचे भव्य शिखर पर होने वाला पहला 'कुंभाभिषेक' होगा। आधुनिक भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब मंदिर के शीर्ष पर इस तरह का दिव्य अनुष्ठान किया जा रहा है, जिसका नेतृत्व स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

25

90 मीटर की ऊंचाई और आधुनिक इंजीनियरिंग का चमत्कार

इस समारोह का सबसे रोमांचक और चुनौतीपूर्ण पहलू इसकी ऊंचाई है। सोमनाथ मंदिर का शिखर करीब 90 मीटर ऊंचा है। इस ऐतिहासिक अनुष्ठान के लिए विशेष रूप से आधुनिक इंजीनियरिंग का सहारा लिया गया है। एक विशालकाय क्रेन की मदद से पवित्र 'कुंभ' (जल पात्र) को शिखर की चोटी तक पहुंचाया जाएगा। यह दृश्य न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि प्राचीन वैदिक परंपराओं और 21वीं सदी की तकनीक के अद्भुत मेल को भी दुनिया के सामने रखेगा।

35

11 प्रमुख तीर्थों का संगम: राष्ट्र की एकता का प्रतीक

इस कुंभाभिषेक की दिव्यता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें इस्तेमाल होने वाला जल साधारण नहीं है। देश के 11 प्रमुख तीर्थ स्थलों से पवित्र जल को विशेष रूप से इस आयोजन के लिए इकट्ठा किया गया है। जब प्रधानमंत्री मोदी के सान्निध्य में यह जल शिखर पर चढ़ाया जाएगा, तो वह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक एकता का अभिषेक होगा। मंत्रोच्चार की गूँज के बीच 'शिखर स्नान' की यह परंपरा दक्षिण भारत के मंदिरों में प्रचलित है, लेकिन सोमनाथ के आधुनिक इतिहास में यह अपनी तरह का पहला और अनूठा प्रयोग है।

45

75 वर्षों का गौरव: विनाश से विकास की यात्रा

यह आयोजन मंदिर के पुनर्निर्माण की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प से जिस मंदिर ने आधुनिक स्वरूप पाया था, आज वह अपनी सभ्यतागत दृढ़ता का जश्न मना रहा है। तीर्थ पुरोहित सोमपुरा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष श्री हेमलभाई भट्ट के अनुसार, पूरा ब्राह्मण समुदाय इस दुर्लभ अवसर को लेकर रोमांचित है। उनके अनुसार, यह अनुष्ठान मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा को नए आयाम देगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगा।

55

PM मोदी का नेतृत्व और महापूजा का संकल्प

समारोह की परिणति प्रधानमंत्री द्वारा सोमनाथ महादेव की भव्य महापूजा के साथ होगी। प्रधानमंत्री मोदी, जो सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं, इस 'अमृत पर्व' के जरिए मंदिर की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक विकास के विजन को साझा करेंगे। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजामों और देश भर से जुटने वाले लाखों श्रद्धालुओं के बीच, यह आयोजन केवल एक पूजा नहीं, बल्कि भारत के 'सांस्कृतिक पुनर्जागरण' की गूंज बनेगा। 11 मई को जब सूर्य की किरणें सोमनाथ के शिखर को छुएंगी, तब देश भर की नजरें उस पवित्र कुंभ पर टिकी होंगी, जो भारत की आस्था के नए शिखर को छूने जा रहा है।

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories