Meta को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई तगड़ी फटकार, कहा- नियम मानो वरना भारत छोड़ो

Published : Feb 03, 2026, 12:11 PM ISTUpdated : Feb 03, 2026, 12:42 PM IST
Supreme Court Meta Warning

सार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को टेक दिग्गज और व्हाट्सएप की 2021 प्राइवेसी पॉलिसी पर सख़्त रुख अपनाते हुए Meta को चेतावनी दी-“अगर संविधान नहीं मान सकते तो भारत छोड़ दें।” कोर्ट ने पूछा: क्या गरीब, ग्रामीण या अनपढ़ यूज़र इतनी जटिल पॉलिसी समझ पाएंगे?  

Supreme Court Meta Warning: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को टेक दिग्गज और व्हाट्सएप की मालिक मेटा को इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की प्राइवेसी पॉलिसी पर चेतावनी दी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने अमेरिकी कंपनी को फटकार लगाते हुए कहा, "आप हमारे देश की प्राइवेसी के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते... हम आपको हमारे डेटा का एक भी हिस्सा शेयर नहीं करने देंगे" और कहा कि अगर देश के कानूनों का पालन नहीं किया गया तो वह भारत छोड़ सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

भारत की सर्वोच्च अदालत ने टेक दिग्गज Meta और WhatsApp को ऐसा सख़्त संदेश दिया है, जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री को सोचने पर मजबूर कर दिया है। WhatsApp Privacy Policy 2021 को लेकर सुनवाई के दौरान Chief Justice of India जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने साफ कहा-“आप भारतीयों की प्राइवेसी से खिलवाड़ नहीं कर सकते। अगर संविधान नहीं मान सकते, तो भारत छोड़ दें।” WhatsApp की पॉलिसी में ऐसा क्या है, जिससे सुप्रीम कोर्ट इतना नाराज़ हो गया?

WhatsApp Privacy Policy विवाद की शुरुआत कहां से हुई?

यह पूरा मामला 2021 की व्हाट्सएप प्राइवेसी पॉलिसी अपडेट (WhatsApp Privacy Policy Update) से जुड़ा है। उस समय WhatsApp ने यूज़र्स से कहा था कि अगर वे ऐप इस्तेमाल करते रहना चाहते हैं, तो उन्हें मेटा (Meta) के दूसरे प्लेटफॉर्म्स के साथ डेटा शेयर करने की सहमति देनी होगी। यानी “मानो या छोड़ दो” की स्थिति। यही बात भारतीय कंपटीशन आयोग (Competition Commission of India (CCI)) को खटकी।

CCI ने Meta पर जुर्माना क्यों लगाया?

नवंबर 2024 में CCI ने कहा कि WhatsApp ने अपनी मार्केट में दबदबे वाली स्थिति का गलत इस्तेमाल किया और यूज़र्स को जबरन नई पॉलिसी स्वीकार करने पर मजबूर किया। इसी आधार पर ₹213 करोड़ से ज़्यादा का जुर्माना लगाया गया। Meta ने जुर्माना जमा तो कर दिया, लेकिन फैसले को चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट की सबसे तीखी टिप्पणी क्या रही?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने WhatsApp की पॉलिसी की भाषा पर सवाल उठाया। चीफ जस्टिस ने पूछा-“क्या ग्रामीण बिहार में रहने वाला ठेला लगाने वाला इसे समझ पाएगा?” “क्या सिर्फ तमिल बोलने वाली महिला आपकी ऑप्ट-इन, ऑप्ट-आउट भाषा समझ सकेगी?” कोर्ट ने कहा कि पॉलिसी “बहुत चालाकी से बनाई गई” लगती है।

डेटा और विज्ञापन पर कोर्ट क्यों भड़का?

सुप्रीम कोर्ट खास तौर पर इस बात पर नाराज़ हुआ कि व्हाट्सएप यूजर डेटा (WhatsApp User Data) का इस्तेमाल विज्ञापनों के लिए हो सकता है। CJI ने उदाहरण देते हुए कहा- “अगर आप डॉक्टर को अपनी बीमारी का मैसेज भेजते हैं और तुरंत दवाइयों के विज्ञापन आने लगते हैं, तो यह कैसे सही है?” यहीं कोर्ट ने साफ चेतावनी दी- “हम यूज़र डेटा का एक भी शब्द शेयर करने की इजाज़त नहीं देंगे।”

Meta को सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया?

सुप्रीम कोर्ट ने मेटा और व्हाट्सएप को निर्देश दिया कि वे हलफनामा (Affidavit) दाखिल करें, जिसमें साफ लिखा हो कि WhatsApp यूज़र डेटा विज्ञापन के लिए शेयर नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने चेतावनी दी- “अगर हलफनामा नहीं दिया गया, तो याचिका खारिज कर दी जाएगी।” Meta को इसके लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है।

NCLAT और सुप्रीम कोर्ट के बीच मतभेद क्या है?

NCLAT ने WhatsApp पर लगे 5 साल के डेटा-शेयरिंग प्रतिबंध को हटाया लेकिन जुर्माना बरकरार रखा। अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि WhatsApp अपनी प्राइवेसी पॉलिसी के तहत डेटा शेयर करने में कितनी दूर तक जा सकता है। एक बात साफ है-भारत में यूज़र प्राइवेसी अब सिर्फ नीति नहीं, संवैधानिक अधिकार बन चुकी है।

 

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

भारत में जॉब सिक्योरिटी एक मिथक, युवक का वीडियो वायरल
जो बच्ची बोल नहीं सकती थी, उसने अचानक कहा ‘योगी जी थैंक्यू’… पूरी कहानी रुला देगी