
Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु में सुपरस्टार थलपति विजय की नई नवेली पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनाव में बॉक्स ऑफिस फाड़ प्रदर्शन किया है। 107 सीटों के साथ विजय सबसे आगे तो हैं, लेकिन उनकी टेंशन बढ़ा रहा है सरकार बनाने के लिए मैजिक नंबर यानी बहुमत, जिससे अभी 11 कदम दूर है। अब सवाल ये है कि क्या विजय 'सिंघम' की तरह अकेले सरकार बनाएंगे या फिर तमिलनाडु में भी कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसा 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' वाला ड्रामा शुरू होगा? आइए समझते हैं कि विजय की कुर्सी कहां फंसी है...
तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 का जादुई आंकड़ा चाहिए। फिलहाल की तस्वीर कुछ ऐसी है कि TVK (विजय) को 107 सीटें मिली है और वह बहुमत से 11 सीट दूर है। DMK गठबंधन (स्टालिन) 74 सीटें जीती हैं, जबकि AIADMK और BJP गठबंधन को 53 सीटें मिली हैं। 60 साल से तमिलनाडु में DMK और AIADMK की बारी-बारी से हुकूमत रही है। पहली बार किसी तीसरी ताकत ने इनका किला ढहाया है, लेकिन पेंच ये है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद विजय अभी 'किंग' नहीं बन पाए हैं।
सीन 1: AIADMK विजय का साथ दे?
तमिलनाडु में थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने और सरकार बनाने का सबसे सीधा रास्ता ये है कि विजय और AIADMK हाथ मिला लें। विजय की पार्टी की 107 और AIADMK की 45 सीटें मिलाकर 152 सीटें हो जाएंगी और आराम से सरकार बन जाएगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि इसके चांस कितने हैं? राजनीतिक जानकार इसे काफी ज्यादा संभावना वाला सिनैरियो बताते हैं, क्योंकि विजय ने पूरे चुनाव में DMK और स्टालिन को तो जमकर कोसा, लेकिन AIADMK के लिए उनके सुर थोड़े सॉफ्ट रहे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो AIADMK बिना बीजेपी के भी विजय को समर्थन दे सकती है, बस बदले में उन्हें कुछ मलाईदार मंत्रालय चाहिए होंगे।
सीन 2: राहुल गांधी न सकते हैं 'संकटमोचन'?
क्या आपको पता है कि विजय और राहुल गांधी के बीच अच्छी दोस्ती है? जब विजय की फिल्म पर संकट आया था, तब राहुल उनके समर्थन में खड़े हुए थे। यहीं से नया दांव शुरू हो सकता है। DMK के गठबंधन में कांग्रेस (5 सीट), CPI (2 सीट) और कुछ छोटे दल शामिल हैं। अगर ये दल स्टालिन का साथ छोड़कर विजय के पाले में आ जाएं, तो विजय का आंकड़ा 118 पार कर जाएगा। चूंकि कांग्रेस लंबे समय से तमिलनाडु की सत्ता से बाहर है। स्टालिन उन्हें सरकार में हिस्सेदारी देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अगर विजय कांग्रेस को 'मंत्री पद' का ऑफर देते हैं, तो हाथ (Congress) का साथ विजय को मिल सकता है।
अब एक सवाल ये भी है कि अगर विजय बहुमत साबित नहीं कर पाए, तो क्या होगा? क्या धुर विरोधी DMK और AIADMK एक साथ आ सकते हैं? सुनने में यह नामुमकिन लगता है, लेकिन राजनीति में 'दुश्मन का दुश्मन दोस्त' होता है। 2018 में कर्नाटक में बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस और JDS मिल गए थे। 2019 में महाराष्ट्र में शिवसेना और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया था। अगर तमिलनाडु में भी पुराने दिग्गज अपनी साख बचाने के लिए मिल गए, तो विजय के लिए सीएम की कुर्सी सपना बनकर रह जाएगी।
विजय के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'विचारधारा' है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ और 'द्रविड़ गौरव' की राजनीति की है। इसी के दम पर पहली बार में ही सबसे ज्यादा सीटें लेकर आए हैं। अगर वो सत्ता के लिए किसी से समझौता करते हैं, तो क्या उनके फैंस इसे स्वीकार कर पाएंगे?
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।